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बारातियों सहित दूल्हा दुल्हन सजते हैं मुर्दों के उतारें बेशकीमती पोशाकों शालों कोट पेंट जैकेट से

चंडीगढ़ बुधवार 13 मई 2026 आर विक्रमा शर्मा अनिल शारदा रक्षत शर्मा प्रस्तुति -- सजने संवरने का, नए अच्छे चटक चटकीले कपड़े पहनने का, भला किसको चाव नहीं रहता है। अगर अवसर हो प्यार, सगाई, शादी का, मुंडन या रिटायरमेंट पार्टी का, नौकरी लगने का, प्रमोशन होने का नयी गाड़ी खरीदने का या फिर दूल्हा या दुल्हन बनने का या उनकी बारात का हिस्सा बनने का हर कोई नई कपड़े पहनना पसंद करता है। और यह पोशाक भी ऐसी पसंद करते हैं, जो उन्हें दूसरे बारातियों से या जमा हुए लोगों की भीड़ में अलग दिखा सके।। इसके लिए लोग महंगे से महंगा बेशकीमती कपड़ा खरीदना पसंद करते हैं। लेकिन आजकल किसको क्या पता, पहना हुआ कपड़ा किसी मिल से या किसी बड़े शोरूम से आ रहा है। या फिर सीधा शमशान घाट से किसी मुर्दे के ऊपर से उतरे हुए कफन के कपड़े के रूप में आ रहा है।। जी हां!?!? कड़वा है लेकिन सच है! आखिर मुर्दों पर चढ़ने वाले बेशकीमती कपड़े कहां गायब हो जाते हैं?? मुर्दे तो उनको पहनते नहीं हैं ।यही कपड़े बाजारों में फिर दोबारा बिकते हैं। और हम खुशी-खुशी कभी ना कभी मुर्दों पर चढ़ाए अपने ही कपड़े भारी कीमतों पर खरीद कर फिर पहनते हैं। और खुशी के अवसर पर खुशी से चहकते हैं खुद पर अभिमान करते हैं। नाचते गाते हैं। लोगों को अपनी डैशिंग पर्सनालिटी दिखाते हैं। बेश कीमती पोशाक पहनकर दिखाते हैं। ना खुद को मालूम होता है ना देखने वाले को मालूम होता है कि यह पोशाक आमुक मूर्दे के ऊपर से उतारी गई है। या किसी बड़े शोरूम से दुकान से खरीदी गई है। बस पाठकों के लिए इतना ही काफी कि इन चंद शब्दों को समझिए कि भाव क्या है, सागर में गागर है। सतर्क हो जाइए। सावधान हो जाइए। हर कदम पर छल कपट है धोखा है। फरेब है। अल्फा न्यूज़ इंडिया चाहता है कि आप हमेशा सजग रहें और दूसरों को भी सजग करें।।। साभार।। जनता के हित में।।।

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