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समाधान दिवस में गूँजा अवैध कोल्ड स्टोरों और प्रदूषण फैलाने का मुद्दा, जिलाधिकारी ने दिए कड़े संयुक्त जांचकेआदेश

प्रशासनिक सुस्ती: अवैध कोल्ड स्टोरों पर जांच रिपोर्ट की समय सीमा बीती, कार्रवाई अब भी ठंडे बस्ते में
11 मई तक डीएम ने मांगी थी रिपोर्ट; समय सीमा निकलने के बाद RTI कार्यकर्ता मनीष चौहान ने दागे सवाल
एतमादपुर (आगरा)। तहसील एतमादपुर के 'सम्पूर्ण समाधान दिवस' (02 मई 2026) में जिलाधिकारी द्वारा दिए गए सख्त निर्देशों का असर हवा होता दिखाई दे रहा है। क्षेत्र में बिना नक्शा और एनओसी के संचालित हो रहे 'शिवांग' और 'श्री' जैसे अवैध कोल्ड स्टोरेज के खिलाफ गठित जांच कमेटी की समय सीमा 11 मई को समाप्त हो चुकी है, लेकिन अभी तक धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।
आदेश के बाद भी फाइलों में कैद जांच
समाजसेवी और RTI कार्यकर्ता मनीष चौहान की शिकायत पर जिलाधिकारी ने एसडीएम एतमादपुर और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी (RO) को संयुक्त रूप से 11 मई 2026 तक रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था। रिपोर्ट पेश करने की समय सीमा निकले हुए कई दिन बीत चुके हैं, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली और विभागीय मिलीभगत पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
मनीष चौहान ने साक्ष्यों के साथ घेरा
मनीष चौहान ने पूर्व में ही आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) की आख्या संख्या 5419 और 217 पेश कर यह साबित कर दिया था कि इन इकाइयों के पास कोई स्वीकृत मानचित्र नहीं है। उन्होंने स्पष्ट आरोप लगाया है कि धारा-27 के नोटिस के महीनों बाद भी धारा-28 (सीलिंग) की कार्रवाई न करना और जांच रिपोर्ट में देरी करना, अवैध संचालकों को 'परक्ष संरक्षण' देने जैसा है।
बढ़ता खतरा और चेतावनी
इन अवैध इकाइयों द्वारा गौशालाओं में बहाए जा रहे अपशिष्ट और बिना 'स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट' के चल रहे भारी-भरकम भवनों से आसपास की आबादी और पर्यावरण को बड़ा खतरा है। मनीष चौहान ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते अपनी ही रिपोर्ट पर अमल नहीं किया, तो वे इस मामले को मुख्यमंत्री पोर्टल और उच्च न्यायालय तक ले जाएंगे।

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