अखंड मजबूत आदर्श भारत निर्माण स्थापित करने का मूवमेंट
अखंड मजबूत आदर्श भारत निर्माण स्थापित करने का मूवमेंट
आजाद भारत में प्रथम नेतृत्व शपथ ग्रहण करते समय अपने विचार में कहा कि हम सब मिल कर देश जीता तो हम सब मिल कर देश चलाएंगे यह देश हम सब का है प्रतिनिधित्व आधारित संविधान प्रस्तावना बाबा साहब बी आर आंबेडकर जी द्वारा निर्मित किया गया देश का जो भू भाग है उसे अखण्ड मजबूत आदर्श भारत निर्माण हेतु लोगों में सेक्युलरिज्म प्रतिनिधित्व भागीदारी और अलग अलग जाति धर्म में रहते हुए भी भाईचारा बंधुत्व को प्रत्येक स्तर पर बनाए रखना है नेतृत्व संस्थाओं, कार्य पालिका, यह न्यायपालिका या धार्मिक संगठनों के विद्वान जानों द्वारा संविधान विरुद्ध देश एवं देश के लोगों केसाथ की जा रही कार्यवाही को रोकने तथा ब्यूरोक्रेट, न्यायपालिका और विधायिका को जवाबदेही बना कर उनके विरुद्ध कार्यवाही करने की स्थिति बनाना है आज धीरे धीरे लोगों की पूर्व की भाति विकृत व्यवस्था और विकृत मानसिकता जो आतंक नफ़रत भ्रष्टाचार बलात्कार मानव हिंसा और भ्रक्षण अपनी श्रेष्ठता के लिए करते हैं। प्रथम नेतृत्व द्वारा दी गई व्यवस्था में ब्राह्मणवाद -
मनुवाद,- आर यस यस की व्यवस्था को शामिल लिया है और सेक्युलरिज्म पार्टियों भी अपनी श्रेष्ठता के लिए भी फासीवाद के हिस्सा बन गई हैं देश में रहने वाले लोग अपंग असहाय हो गए हैं अब प्रथम नेतृत्व की तरह व्यक्तित्व नेतृत्व की जरूरत है लोगों में से लोगों द्वारा और लोगों के लिए बने जो प्रस्तावना में परिलक्षित होता है इस प्रकार का नेतृत्व कैसे निर्मित किया जाए इस प्रकार का नेतृत्व वंचित और उपेक्षित समाज में से ही एसा सिद्धांत युक्त जिसमें मानवता के संघर्षों और बाबा साहब डॉ बी आर आंबेडकर, अब्दुल जलील फरीदी,मान्यवर कांशीराम जी के सिद्धांत से तकनीकी आधार से संबंधित निर्मित किया गया है जिसे राष्ट्रीय भागीदारी आंदोलन के सिद्धान्त से जाना जाता है