सैफई में पसरा मातम, प्रतीक यादव के निधन से राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में शोक की लहर
इटावा/लखनऊ- समाजवादी पार्टी के संरक्षक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव के निधन की खबर से सैफई समेत पूरे प्रदेश में शोक का माहौल है। पैतृक गांव सैफई में लोगों की आंखें नम हैं और गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
सैफई के ग्राम प्रधान रामफल वाल्मीकि ने प्रतीक यादव को बेहद सरल और मिलनसार स्वभाव का व्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि प्रतीक राजनीति से दूरी बनाकर रखते थे और खेलों, खासकर क्रिकेट और फिटनेस में अधिक रुचि रखते थे। ग्राम प्रधान के मुताबिक प्रतीक अक्सर कहते थे कि अखिलेश भैया राजनीति करेंगे, मुझे क्रिकेट पसंद है।
सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और बिसरा सुरक्षित रखने की कार्रवाई जारी है। इस दौरान मोहनलालगंज से सपा सांसद आरके चौधरी भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे।
वहीं प्रतीक यादव के जिम साथी अंकित साहू ने उनके निधन को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्रतीक नियमित जिम करते थे और भारी वजन उठाते थे। उन्होंने उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि शरीर पर चोट के निशान और बॉडी नीली पड़ने जैसी बातें सामने आई हैं।
इधर मेडिकल सूत्रों के अनुसार प्रतीक यादव लंबे समय से फेफड़ों की गंभीर बीमारी पल्मोनरी एम्बोलिज्म से जूझ रहे थे। इस बीमारी में खून का थक्का फेफड़ों की नसों में फंस जाता है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है और सांस लेने में गंभीर दिक्कत होती है।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि इलाज पूरा होने से पहले ही वह ICU से घर लौट आए थे।
प्रतीक यादव के निधन के बाद राजनीतिक, सामाजिक और खेल जगत से जुड़े लोग लगातार शोक संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।