उपराष्ट्रपति ने एम्स की वैश्विक चिकित्सा उत्कृष्टता को सराहा
नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के 51वें दीक्षांत समारोह में कहा कि एम्स अब अंतरराष्ट्रीय मानकों का केवल पालन नहीं कर रहा बल्कि उन्हें स्थापित कर रहा है। उन्होंने एम्स के चिकित्सा नवाचार, स्वास्थ्य सेवा उत्कृष्टता, और किफायती देखभाल में योगदान को उजागर किया। उपराष्ट्रपति ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और एम्स के निदेशक डॉ. निखिल टंडन की भी प्रशंसा की, साथ ही महामारी प्रबंधन, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा, और अंतरराष्ट्रीय सहयोगों जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं का उल्लेख किया।
राधाकृष्णन ने एम्स की वैश्विक रैंकिंग में सुधार और पद्म पुरस्कार विजेताओं की संख्या पर प्रकाश डाला। उन्होंने एम्स के विस्तार और मेडिकल शिक्षा में सुधार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व में उठाए गए कदमों की सराहना की। उन्होंने ग्रेजुएट छात्रों को हमदर्दी, ईमानदारी और नैतिकता के साथ स्वास्थ्य सेवा में योगदान देने का आह्वान किया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि एआई चिकित्सा क्षेत्र में बदलाव ला रहा है, लेकिन किसी भी तकनीक से डॉक्टर की नैतिक मौजूदगी की जगह नहीं ली जा सकती।