सिर्फ बचाने से नहीं चलेगा काम, अब भारत को जोखिम लेकर नया बनाना होगा
देश के जाने-माने उद्योगपति उदय कोटक ने भारत की आर्थिक स्थिति को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। उनका कहना है कि आने वाले समय में भारत की अर्थव्यवस्था पर गंभीर दबाव पड़ सकता है, इसलिए संकट आने का इंतजार करने के बजाय अभी से तैयारी शुरू करनी होगी।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लोगों से सोना कम खरीदने और पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने की अपील कर चुके हैं। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते युद्ध और वैश्विक तनाव के कारण ऊर्जा कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है, जिसका असर अब सीधे आम जनता की जेब पर पड़ सकता है।
उदय कोटक ने भारत की मौजूदा आर्थिक सोच को समझाने के लिए हिंदू धर्म के तीन प्रतीकों विष्णु, ब्रह्मा और महेश का उदाहरण दिया।
उनके मुताबिक, भारत इस समय विष्णु मोड में है, यानी जो हमारे पास है उसे बचाने पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। लेकिन केवल संरक्षण से देश आगे नहीं बढ़ सकता।
कोटक का मानना है कि अब भारत को ब्रह्मा मोड में जाकर नई तकनीक, नए बिजनेस और नए अवसर पैदा करने होंगे। इसके साथ ही महेश मोड यानी पुराने और बेकार हो चुके सिस्टम को बदलकर बड़े बदलाव लाने की भी जरूरत है।
उन्होंने कहा कि दुनिया अब पुराने नॉर्मल की तरफ वापस नहीं लौटेगी। ऐसे में भारत को भी बदलती वैश्विक परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढालना होगा।
उदय कोटक ने अमेरिका का उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका की असली ताकत उसकी सरकार नहीं, बल्कि वहां के मजबूत बिजनेस और कंपनियां हैं। अमेरिका ऐसी चीजें और सेवाएं बनाता है जिन्हें पूरी दुनिया खरीदना चाहती है।
उनके अनुसार, भारत को भी सिर्फ सरकारी योजनाओं के भरोसे नहीं रहना चाहिए, बल्कि भारतीय कंपनियों और व्यापार को इतना मजबूत बनाना होगा कि दुनिया भारत की तरफ देखे।
निष्कर्ष
उदय कोटक का संदेश साफ है आने वाला दौर आसान नहीं होगा। अगर भारत को आर्थिक महाशक्ति बनना है, तो सिर्फ पुरानी व्यवस्था बचाने से काम नहीं चलेगा। देश को जोखिम लेने, नए विचार पैदा करने और बड़े बदलाव अपनाने होंगे।