logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

थलपति विजय बने तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री, शिवसेना (UBT) ने दी बड़ी चेतावनी

तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अभिनेता से नेता बने थलपति विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य की कमान संभाल ली है। उनकी पार्टी टीवीके (TVK) ने 108 सीटें जीतकर डीएमके और एआईएडीएमके के लंबे राजनीतिक वर्चस्व को तोड़ दिया। हालांकि सरकार बनाने के लिए पार्टी को गठबंधन का सहारा लेना पड़ा।

मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय को देशभर से बधाइयां मिल रही हैं। इसी बीच उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) ने उन्हें शुभकामनाओं के साथ एक राजनीतिक चेतावनी भी दी है। पार्टी के मुखपत्र सामना में प्रकाशित संपादकीय में कहा गया कि तमिलनाडु में ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन हुआ है, लेकिन विजय सरकार के सामने आने वाले दिन बेहद चुनौतीपूर्ण होंगे।

संपादकीय में कहा गया कि टीवीके की सरकार मामूली बहुमत पर टिकी हुई है और ऐसे में सरकार को स्थिर बनाए रखना आसान नहीं होगा। खासतौर पर केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के मजबूत राजनीतिक प्रभाव का जिक्र करते हुए शिवसेना (UBT) ने संकेत दिया कि नई सरकार पर दबाव बढ़ सकता है।

सामना में विजय की छवि को लेकर भी चर्चा की गई। लेख में कहा गया कि फिल्मी दुनिया से सचिवालय तक का सफर आसान नहीं होता और अब पूरा देश यह देखना चाहता है कि क्या विजय अपनी आम आदमी वाली छवि को सत्ता की जटिलताओं के बीच कायम रख पाएंगे। विजय ने अपने संबोधन में तमिलनाडु के 8 करोड़ लोगों को अपना परिवार बताया और कहा कि वे किसी राजघराने से नहीं बल्कि आम जनता के बीच से आए हैं।

शपथ ग्रहण समारोह में राष्ट्रवाद की झलक भी देखने को मिली। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम से हुई, उसके बाद राष्ट्रगान और अंत तमिलनाडु के राज्य गीत से किया गया। इसे लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

मुख्यमंत्री विजय ने अपनी सरकार की प्राथमिकताएं भी साफ कर दी हैं। उन्होंने मंत्रियों और विधायकों को चेतावनी दी है कि सार्वजनिक धन की लूट किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। युवाओं में बढ़ती नशे की लत को रोकने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स बनाने का फैसला लिया गया है। साथ ही महिला सुरक्षा के लिए अलग महिला सुरक्षा विंग को मंजूरी दी गई है।

राज्य की आर्थिक स्थिति को देखते हुए विजय सरकार ने वित्तीय अनुशासन पर भी जोर दिया है। बताया जा रहा है कि तमिलनाडु पर लगभग 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। वहीं नई सरकार ने अपनी पहली आधिकारिक फाइल मुफ्त बिजली योजना से जुड़ी साइन की है।

राजनीतिक स्तर पर सबसे ज्यादा चर्चा कांग्रेस के समर्थन को लेकर हो रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस द्वारा टीवीके को समर्थन दिए जाने से डीएमके नाराज बताई जा रही है और INDIA गठबंधन में दरार की अटकलें तेज हो गई हैं। शिवसेना (UBT) ने स्टालिन की शालीनता की तारीफ करते हुए उन्हें भाजपा से दूरी बनाए रखने और मोदी-शाह के राजनीतिक जाल से बचने की सलाह दी है।

अब पूरे देश की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या सुपरस्टार से मुख्यमंत्री बने थलपति विजय तमिलनाडु की राजनीति में लंबे समय तक अपनी पकड़ मजबूत रख पाएंगे या फिर गठबंधन की मजबूरियां उनकी राह मुश्किल बना देंगी।

6
3424 views

Comment