सीकर कोचिंग पेपर लीक मामले में सीबीआई और शिक्षा विभाग की कार्रवाई
सीकर: सीबीआई की जांच और शिक्षा विभाग की हालिया कार्रवाई ने सीकर के शिक्षा क्षेत्र में हलचल मचा दी है। सीबीआई ने मुख्य साजिशकर्ताओं और संदिग्ध कोचिंग संस्थानों के खिलाफ FIR दर्ज की है। जांच में दो से तीन प्रमुख कोचिंग संस्थानों के रिकॉर्ड बरामद किए गए हैं, जिनका संबंध बिहार और गुजरात के पेपर लीक नेटवर्क से पाया गया है। सीबीआई ने ऐसे एजेंटों को भी गिरफ्तार किया है जो छात्रों को 'गारंटीड सिलेक्शन' का झांसा देकर पेपर मुहैया कराते थे।
राजस्थान शिक्षा विभाग और केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने भ्रामक विज्ञापनों और गलत आंकड़ों के लिए कई कोचिंग संस्थानों पर भारी जुर्माना लगाया है, जिनमें सीकर की शाखाएं भी शामिल हैं। शिक्षा विभाग ने उन संस्थानों के पंजीकरण रद्द करने की चेतावनी दी है जो पेपर लीक या किसी आपराधिक गतिविधि में सीधे तौर पर शामिल पाए गए। विभाग ने बिना उचित फायर सेफ्टी या वेरिफिकेशन के हॉस्टल और कोचिंग संचालित करने वाले संस्थानों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई शुरू की है।
संभावित आरोपियों में कोचिंग संस्थानों के प्रमोटर, पेपर सॉल्वर गैंग और मददगार कर्मचारी शामिल हैं। जांच एजेंसियां मुख्य आरोपियों के नाम सावधानीपूर्वक सार्वजनिक कर रही हैं ताकि वे भाग न सकें। शिक्षा विभाग ने कोचिंग संस्थानों को अब अपनी सफलता दर के आंकड़ों के साथ प्रमाणित डिस्क्लेमर देने के निर्देश भी जारी किए हैं, जिससे झूठे दावों का पर्दाफाश होगा।