सीकर में NEET-UG 2026 पेपर लीक और फर्जीवाड़ा मामला गंभीर
सीकर : शिक्षा क्षेत्र में चल रहे फर्जीवाड़े के मामले में अब NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने और सीबीआई की जांच सामने आई है। मई 2026 की ताजा रिपोर्टों के अनुसार, केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने सीकर के एक कोचिंग संस्थान पर 1650 से अधिक चयन और AIR-100 में 22 छात्रों के झूठे दावे करने पर भारी जुर्माना लगाया है। यह फर्जीवाड़ा छात्रों को लुभाने के लिए हवा-हवाई आंकड़ों के माध्यम से किया गया था।
सीकर को NEET-UG 2026 पेपर लीक का मुख्य केंद्र माना जा रहा है, जहां 3 मई की परीक्षा अनियमितताओं के कारण 12 मई को पूरी तरह रद्द कर दी गई। राजस्थान पुलिस की SOG ने पाया कि एक 'गेस पेपर' व्हाट्सएप पर वायरल हुआ था, जिसमें से लगभग 600 सवाल असली परीक्षा के समान थे। जांच में यह पता चला कि पर्चा एक कोचिंग सेंटर के स्टाफ और हॉस्टल मालिक के जरिए फैलाया गया। सीबीआई ने इस मामले की कमान संभाली है और बड़े कोचिंग संचालक और सफ़ेदपोश बिचौलियों की सूची तैयार कर रही है जो इस घपले में शामिल हैं।
कानून के तहत जुर्माने के साथ-साथ 'एंटी-पेपर लीक कानून' के अंतर्गत जेल और संस्थानों की इमारतों पर बुलडोजर कार्रवाई की भी योजना है। चुरू और सीकर के कुछ लोगों को ऐसे बाहरी गैंग के साथ जोड़कर देखा जा रहा है जो पेपर लीक कराते थे। इस मामले की जांच से शिक्षा क्षेत्र में व्याप्त इस घोटाले के चेहरे उजागर हो रहे हैं।