#हिमाचल प्रदेश जिला कांगड़ा पालमपुर वृंदावन मौत मामला: 3 दिन में आएगी जांच रिपोर्ट*
*पालमपुर, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।* विंद्रावन फीडर में बिजली लाइन ठीक करते समय 28 वर्षीय लाइनमैन मोहन लाल उर्फ मोनू की करंट लगने से मौत के मामले में बिजली बोर्ड और प्रशासन हरकत में आ गए हैं। पुलिस ने प्रथम दृष्टया लापरवाही मानते हुए कनिष्ठ अभियंता JE के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
*XEN और SDM का बयान*
एसडीएम पालमपुर डॉ. ओपी यादव ने कहा कि हादसे की गहन जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई है। कमेटी की अध्यक्षता खुद एसडीएम पालमपुर करेंगे। इसमें नगर निगम पालमपुर के संयुक्त आयुक्त, *विद्युत बोर्ड के अधिशासी अभियंता XEN* और स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी को शामिल किया गया है। यह कमेटी 3 दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
SDM ने कहा, "प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर JE के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे कार्रवाई होगी।"
*पुलिस और DSP का बयान*
डीएसपी पालमपुर सुनील राणा ने बताया कि इस प्रकरण में कनिष्ठ अभियंता के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। पुलिस जांच कर रही है कि बिना फील्ड क्लियरेंस दिए बिजली आपूर्ति किसने और क्यों चालू की।
*कर्मचारी संघ का आक्रोश*
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ ने मोहन लाल की मौत पर गहरा शोक जताया है। प्रदेशाध्यक्ष रणवीर सिंह ठाकुर और महासचिव चमन लाल शर्मा ने कहा कि बीते 8 साल में 150 से अधिक कर्मचारियों की जान जाना प्रबंधन की संवेदनहीनता का प्रमाण है। उन्होंने 60% स्टाफ की कमी और भर्ती प्रक्रिया शुरू न करने पर बोर्ड प्रबंधन को घेरा।
*क्या हुआ था*
रविवार रात तूफान से विंद्रावन वार्ड-7 में तारें टूट गई थीं। सोमवार सुबह रानीताल निवासी मोहन लाल खंभे पर चढ़कर तार जोड़ रहे थे। इसी दौरान अचानक लाइन में करंट आ गया। नीचे खड़े कर्मचारियों ने तार छोड़ दिए, लेकिन खंभे पर मौजूद मोहन लाल की मौके पर ही मौत हो गई।
मोहन लाल की शादी कुछ माह पहले ही हुई थी और वह पत्नी के साथ पालमपुर में किराए के मकान में रह रहे थे। हादसे के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कई घंटे तक शव को खंभे से न उतारने की जिद की। बाद में बातचीत के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।