प्रदेश सरकार हरियाणा के होनहार युवाओ का हक मारकर बाहरी राज्यों के युवाओ को नौकरी दे रही है- ओ पी सिहाग
हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन ने अगर ठान ही लिया है कि उनके अंतर्गत आने वाले किसी भी प्रकार के पदों को भरना ही नहीं तो नौकरियों के लिए विज्ञापनो एवं अन्य प्रशासनिक खर्चा किस लिए?
सफेद हाथी बन चुके हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन को क्यों न भंग कर दिया जाए ?
चंडीगढ़, 12 मई। जननायक जनता पार्टी जिला पंचकूला के अध्यक्ष ओ पी सिहाग, पार्टी की महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश प्रभारी किरण पूनिया ने सयुंक्त वक्तव्य में कहा कि हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा अपने पहले के रिकॉर्ड को कायम रखते हुए एक और जबर्दस्त कारनामा किया है। उन्होंने ने कहा कि हाल ही में असिस्टेंट प्रोफेसर (हिंदी) कॉलेज कैडर की भर्ती का रिजल्ट आया है उसमे बड़ा घपला हुआ है, वह भाजपा सरकार की असली छवि उजागर कर रहा है। दोनों जजपा नेताओं ने कहा कि कुल 132 पदों की सूची में सामान्य श्रेणी के 56 चयनित उम्मीदवारों में से 41 उम्मीदवार हरियाणा से बाहर के हैं। ये लोग बिहार, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, दिल्ली, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और राजस्थान के मूल निवासी हैं तथा इन सभी राज्यों भाजपा की सरकार है।
जजपा ज़िला अध्यक्ष ओ पी सिहाग ने सवाल किया कि क्या हरियाणा में हिंदी पढ़ने, लिखने और पढ़ाने वाले सामान्य वर्ग के योग्य युवा इतने कम हो गए हैं? क्या हरियाणा के पीएचडी और एमएससी युवा केवल चपरासी और बेलदार की नौकरियों के लिए ही योग्य हैं? भाजपा हरियाणा के स्थानीय युवाओं को गंभीरता से लेने को तैयार ही नहीं है तथा न ही उसको इनके भविष्य की चिंता है। इस अवसर पर मौजूद जजपा प्रदेश उपाध्यक्ष के सी भारद्वाज के साथ ओ पी सिहाग एवं कर्म सिंह चहल ने कहा कि य़ह पहली दफा नहीं है जब हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन ने बड़ी नौकरियों में प्रदेश से बाहर के लोगों की भर्ती की हो। पहले जिन विभागों में भर्ती हुई है उसमे 60 - 70 प्रतिशत से ज्यादा लोग दूसरे राज्यों के लगे हैं ।उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में आम चर्चा है बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों से पूरा पर्ची एवं खर्ची का खेल चल रहा है क्योंकि वो किसी को बताएंगे नहीं की उनको नौकरी कैसे मिली है।
जजपा ज़िला अध्यक्ष ओ पी सिहाग के साथ जजपा हल्का पंचकूला अध्यक्ष एवं पूर्व पार्षद राजेश निषाद ने कहा कि कल ही एक और रिजल्ट असिस्टेंट प्रोफेसर ( मनोविज्ञान )कालेज काडर का आया है जिसमें 85 पदों के लिए 335 उम्मीदवारों ने लिखित परीक्षा दी थी जिसमें केवल 3 उम्मीदवारों को पास किया गया। अब अंदाजा लगाया जा सकता है कि हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन का मकसद क्या है? क्यों नहीं योग्य उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा में पास किया जा रहा है ? क्या जो प्रश्न पत्र दिया जाता है वो सम्बन्धित सब्जेक्ट का न होकर दूसरे विषयों के सख्त सवाल पूछे जाते हैं ताकि कोई परीक्षार्थी 35 प्रतिशत अंक ले ही न सके। ओ पी सिहाग एवं जजपा नेत्री किरण पूनिया ने सवाल किया कि इस तरह की भर्ती प्रक्रिया लागु करके कमीशन के चेयरमैन क्या साबित करना चाहते हैं? कहीं ऐसा तो नहीं इन सभी पदों को खाली रख कर प्रदेश सरकार हरियाणा कौशल रोजगार निगम के मार्फत अपने चुनिंदा लोगों को पिछले दरवाजे से भरना चाहती हो जहां न मेरिट न आरक्षण का झंझट। उन्होंने कहा कि सरकार की ऐसी ही मनसा है तो क्यों नहीं हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन को खत्म कर दिया जाए जिस पर करोडों रुपये हर महीने खर्च होते हैं।
जजपा ज़िला अध्यक्ष ओ पी सिहाग ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी के नेताओ ने बड़े बड़े वादे किए थे कि प्रदेश में कोई युवा बेरोजगार नहीं रहेगा, हरियाणा के पढ़े लिखे होनहार युवाओ को बिना पर्ची खर्ची के नौकरी दी जाएगी। असलियत में हो क्या रहा है य़ह सब प्रदेश का युवा एवं बेरोजगार देख रहे हैं । पिछले विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव में बीजेपी के नेताओं के लुभावने वादों में आकर युवाओं ने उनको वोट देकर ठगा सा महसूस कर रहे हैं । सिहाग ने कहा कि अब प्रदेश का युवा वर्ग को समझ में आ रहा है कि बीजेपी की सरकार का एजेंडा कुछ और है। प्रदेश के युवाओ में प्रदेश सरकार के खिलाफ आक्रोश बढ़ रहा है जो समय आने पर इस सरकार कि चूलें हिलाने से नहीं चुकेगा ।