धर्म का सम्मान, शांति भी जरूरी': पश्चिम बंगाल सरकार का धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर को लेकर बड़ा निर्देश
'धर्म का सम्मान, शांति भी जरूरी': पश्चिम बंगाल सरकार का धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर को लेकर बड़ा निर्देश
कोलकाता, मंगलवार, 12 मई 2026। पश्चिम बंगाल सरकार ने धार्मिक स्थलों पर बजने वाले लाउडस्पीकरों को लेकर नया निर्देश जारी किया है। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक बैठक में पुलिस अधिकारियों को साफ कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल पर माइक की आवाज निर्धारित ध्वनि सीमा से बाहर नहीं जानी चाहिए।
सख्ती नहीं, संवाद का रास्ता
सरकार ने कहा है कि इसे लागू करने के लिए सख्ती या जबरदस्ती नहीं, बल्कि बातचीत और समझाइश का रास्ता अपनाया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान जरूरी है, लेकिन आम लोगों की सुविधा और शांति भी उतनी ही अहम है।
क्या है नया निर्देश:
1. लाउडस्पीकर की आवाज धार्मिक परिसर के बाहर अत्यधिक स्तर तक न पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए।
2. दुर्गापूजा, ईद या अन्य बड़े त्योहारों के दौरान विशेष परिस्थितियों को अलग नजरिए से देखा जाएगा।
3. रोजाना तेज आवाज में माइक बजने से छात्रों, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों को परेशानी होती है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस को संवेदनशील तरीके से इस मुद्दे को संभालना होगा।
पुलिस को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने पुलिस को कहा कि अगर किसी धार्मिक स्थल से तय सीमा से ज्यादा ध्वनि आ रही हो तो संबंधित संस्था या लोगों से संवाद स्थापित किया जाए। किसी भी हाल में बल प्रयोग, तनाव या टकराव की स्थिति न बनने दी जाए। सरकार का फोकस 'समझाकर समाधान' के मॉडल पर रहेगा।
अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए, लेकिन धार्मिक भावनाओं का भी पूरा ध्यान रखा जाए।
राज्य सरकार का यह निर्देश ऐसे समय आया है जब कई शहरों और कस्बों में ध्वनि प्रदूषण को लेकर शिकायतें बढ़ रही थी।