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क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर 83 लाख के साइबर फ्रॉड में शामिल आरोपी गिरफ्तार, आरोपी 3 दिन के पुलिस रिमांड पर

आरोपी ने खुद के नाम पर फर्म बनाकर बैंक खाता खुलवाया और बाद में उसे साइबर ठगों को बेचा

पंचकूला/ 12 मई :-पंचकूला पुलिस की साइबर क्राइम थाना टीम ने क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों के मुनाफे का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने के मामलें मे पुलिस ने सफलता हासिल की है। पुलिस ने मामले में इस्तेमाल किए गए फर्जी बैंक खातों की जांच करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने अपने नाम पर फर्म बनाकर बैंक खाता खुलवाया और बाद में उसे साइबर ठगों को बेच दिया। आरोपी से महत्वपूर्ण रिकॉर्ड बरामद किए गए हैं। मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी एवं साइबर ठगी में प्रयुक्त मोबाइल सिम, रकम और नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने के लिए गहन पूछताछ जारी है।

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार पंचकूला वासी शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके बेटे जो डिजिटल मार्केटिंग का कार्य करता है, को फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी गई। इसके बाद व्हाट्सएप चैटिंग और कॉलिंग के माध्यम से आरोपी महिला ने उसे क्रिप्टो ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच दिया। आरोपी द्वारा फर्जी वेबसाइटों और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म लिंक भेजकर उसे निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। शुरुआत में छोटे मुनाफे दिखाकर विश्वास जीत लिया गया, जिसके बाद अलग-अलग खातों और यूपीआई आईडी में लगातार बड़ी रकम ट्रांसफर करवाई गई। पुलिस द्वारा इसी वर्ष 27 अप्रैल को मामला दर्ज कर जांच शुरु की गई।

थाना प्रभारी पीएसआई युद्धवीर सिंह के अनुसार आरोपियों ने फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से निवेश, कमीशन फीस व वेरिफिकेशन फीस के नाम पर शिकायतकर्ता के बेटे से करीब 83,22,928 रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवाए। जब पीड़ित ने मुनाफे की रकम निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने अतिरिक्त फीस मांगनी शुरू कर दी और बाद में संपर्क बंद कर दिया। खुद को ठगी का शिकार समझने पर शिकायतकर्ता ने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई थी। मामलें की जांच एएसआई सतीश द्वारा की जा रही है।

मामले की जांच के दौरान थाना साइबर क्राइम पुलिस मामलें की विस्तार से जांच की गई। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम का बड़ा हिस्सा अलग-अलग बैंकों के खातों में ट्रांसफर हुआ था। पुलिस ने संबंधित बैंकों के लीगल विभागों को नोटिस जारी कर खातों का रिकॉर्ड प्राप्त किया। रिकॉर्ड की जांच में नाम पाया गया, जिसका संचालक दीपक निवासी मथुरा (उत्तर प्रदेश) हाल निवासी फरीदाबाद पाया गया।

एसीपी क्राइम अरविंद कंबोज: पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि उसने फर्म रजिस्टर करवाकर यस बैंक में करंट अकाउंट खुलवाया था और बाद में अपने परिचित को लगभग एक लाख रुपये में बेच दिया। आरोपी के कब्जे से महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। आरोपी द्वारा साइबर ठगी में प्रयोग खाते बेचने की बात स्वीकार करने पर उसे 10 मई को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को 11 मार्च को कोर्ट में पेश कर 3 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है।

आरोपी से पूछताछ के आधार पर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी, साइबर फ्रॉड की रकम की बरामदगी तथा मामले में प्रयोग किए गए मोबाइल सिम और अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस द्वारा कार्रवाई जारी है। पंचकूला पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया या व्हाट्सएप के माध्यम से मिलने वाले निवेश और क्रिप्टो ट्रेडिंग के लालच में न आएं। किसी भी अनजान व्यक्ति या वेबसाइट पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें तथा साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाएं।

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