गुवाहाटी में हिमंत बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह में गोलियों के साथ एक व्यक्ति हिरासत में:-
असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा के गुवाहाटी के खानापारा में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के दौरान उस समय बड़ा सुरक्षा अलर्ट घोषित कर दिया गया, जब पुलिस ने एक व्यक्ति को कथित रूप से कई जिंदा गोलियों के साथ हिरासत में लिया। इस घटना के बाद पूरे कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा एजेंसियों में तत्काल हलचल मच गई और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार यह व्यक्ति कार्यक्रम स्थल के आसपास नियमित सुरक्षा जांच के दौरान सुरक्षा कर्मियों के संदेह के दायरे में आया। तलाशी के दौरान उसके पास से कई जिंदा गोलियां बरामद होने का दावा किया गया, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत उसे हिरासत में ले लिया। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति के पास से कोई हथियार भी बरामद हुआ या नहीं। बताया जा रहा है कि शपथ ग्रहण समारोह में कई वरिष्ठ राजनीतिक नेता, केंद्रीय मंत्री, प्रशासनिक अधिकारी, सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी तथा हजारों समर्थक मौजूद थे। कार्यक्रम को देखते हुए पहले से ही बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई थी। इसके बावजूद संदिग्ध परिस्थितियों में गोलियां मिलने की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया। घटना के तुरंत बाद पूरे परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा जांच शुरू कर दी गई। प्रवेश द्वारों पर निगरानी बढ़ाई गई और कार्यक्रम स्थल के आसपास मौजूद लोगों की दोबारा स्क्रीनिंग की गई। सुरक्षा एजेंसियों ने सीसीटीवी निगरानी को और अधिक सक्रिय करते हुए संदिग्ध गतिविधियों की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति का उद्देश्य क्या था, गोलियां कहां से लाई गई थीं और क्या इस पूरे मामले के पीछे कोई बड़ा षड्यंत्र या सुरक्षा खतरा मौजूद था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि व्यक्ति किसी संगठित नेटवर्क, आपराधिक गिरोह या अन्य संदिग्ध तत्वों से जुड़ा हुआ था या नहीं। सूत्रों के अनुसार जांच अधिकारी अब कार्यक्रम स्थल के सीसीटीवी फुटेज, प्रवेश रिकॉर्ड, मोबाइल कॉल डिटेल तथा हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पृष्ठभूमि की गहन जांच कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां यह भी जानने की कोशिश कर रही हैं कि क्या वह व्यक्ति अकेले काम कर रहा था या उसके साथ अन्य लोग भी जुड़े हो सकते हैं।अधिकारियों ने अभी तक हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ और फोरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही अधिकृत जानकारी साझा की जाएगी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्कता के साथ जांच को आगे बढ़ा रही हैं।राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस घटना को अत्यंत गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि यह मामला राज्य के सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक समारोहों में से एक के दौरान सामने आया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं उच्चस्तरीय कार्यक्रमों की सुरक्षा व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर करती हैं और भविष्य में सुरक्षा प्रोटोकॉल को और अधिक कठोर बनाए जाने की संभावना बढ़ा सकती हैं। फिलहाल पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही हैं तथा आने वाले समय में इस घटना को लेकर और महत्वपूर्ण खुलासे सामने आने की संभावना जताई जा रही है।