जमशेदपुर MGM अस्पताल में नवजात की मौत ने खड़े किए कई सवाल, जांच की उठी मांग
जमशेदपुर के मानगो गुरुद्वारा रोड से सामने आई यह घटना बेहद दुखद और झकझोर देने वाली है। बताया जा रहा है कि उमेश कुमार रवानी के घर दो दिन पहले एक बेटे का जन्म हुआ था। एमजीएम अस्पताल में जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ थे, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी थी। परिजनों को सोमवार को बच्चे को बीसीजी का टीका लगवाने की सलाह दी गई थी।
आज जब परिवार नवजात को लेकर अस्पताल पहुंचा और बीसीजी का टीका लगाया गया, तो टीका लगने के कुछ ही देर बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों के अनुसार बच्चा अचानक मूर्छित हो गया और उसके हाथ-पैर नीले पड़ने लगे। घबराए परिवार वाले तुरंत बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है। जिस घर में दो दिन पहले खुशियों ने दस्तक दी थी, वहां अब चीख-पुकार और आंसू हैं। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मामले की जानकारी संबंधित थाने को लिखित रूप से दी गई है और पूर्वी सिंहभूम उपायुक्त से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की जाएगी।
यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। आखिर टीकाकरण के तुरंत बाद बच्चे की हालत इतनी खराब कैसे हुई? क्या टीके में कोई लापरवाही हुई, या फिर कोई अन्य चिकित्सकीय कारण था? इन सभी पहलुओं की निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच बेहद जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।
ईश्वर दिवंगत मासूम की आत्मा को शांति दें और परिवार को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
इस घटना पर आपकी क्या राय है? क्या स्वास्थ्य विभाग को इस मामले में विशेष जांच करनी चाहिए? कमेंट कर अपनी प्रतिक्रिया जरूर दें।