पंचकूला 14 मई को राज्य-स्तरीय बाढ़ मॉक अभ्यास के लिए तैयार
हरियाणा के पहले राज्य-स्तरीय बाढ़ मॉक ड्रिल से पहले टेबल टॉप अभ्यास आयोजित
उपायुक्त ने पंचकूला में बाढ़ आपदा मॉक अभ्यास की तैयारियों की समीक्षा की
बाढ़ मॉक ड्रिल जिले में आपदा से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में अहम पहल : सतपाल शर्मा
पंचकूला, 12 मई : हरियाणा में 14 मई 2026 को आयोजित होने वाले राज्य-स्तरीय बाढ़ मॉक अभ्यास से पूर्व मंगलवार को टेबल टॉप अभ्यास आयोजित किया गया। यह बाढ़ मॉक अभ्यास पंचकूला सहित राज्य के 13 बाढ़-संभावित जिलों में आयोजित किया जाएगा। अभ्यास का उद्देश्य बाढ़ जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए विभिन्न विभागों की तैयारियों, समन्वय और प्रतिक्रिया तंत्र का आकलन करना था ।
जिला प्रशासन के अधिकारियों के अलावा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) तथा अन्य आपातकालीन विभागों जैसे अग्निशमन सेवा, स्वास्थ्य, पुलिस, होम गार्ड एवं नागरिक सुरक्षा, रेड क्रॉस तथा अन्य हितधारकों के अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस अभ्यास में भाग लिया।
एनडीआरएफ के अभ्यास समन्वयक ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के समन्वय से तैयार विभिन्न परिदृश्यों के आधार पर टेबल टॉप अभ्यास का संचालन किया। इसका उद्देश्य विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों में आपदा प्रबंधकों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों का आकलन करना, मॉक अभ्यास से पूर्व कमियों की पहचान करना तथा प्रभावी प्रतिक्रिया योजनाएं तैयार करना था।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद उपायुक्त-सह-अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण श्री सतपाल शर्मा ने संबंधित विभागों के अधिकारियों और अन्य हितधारकों के साथ बैठक कर मॉक अभ्यास के सफल आयोजन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि बाढ़ आपदा पर आधारित मॉक अभ्यास 14 मई 2026 को प्रातः 9 बजे से टिक्कर ताल, मोरनी में आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि जनता को बाढ़ सुरक्षा तथा मॉक अभ्यास के उद्देश्य के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाएं। जिले में तैनात सैन्य एवं अर्धसैनिक बलों के प्रतिनिधियों को भी इसमें भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाए। इसके अतिरिक्त आपदा मित्र स्वयंसेवकों, रेड क्रॉस, एनसीसी/एनएसएस, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स, नेहरू युवा केंद्र, स्वयंसेवकों, स्थानीय एनजीओ तथा अन्य हितधारकों को भी इस अभ्यास में सक्रिय रूप से शामिल किया जाए।
उपायुक्त ने जिलेवासियों से अपील की कि वे घबराएं नहीं, क्योंकि यह केवल एक मॉक अभ्यास है, जिसका उद्देश्य आपदा से निपटने की तैयारियों और प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करना है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बाढ़ विषय पर राज्य-स्तरीय मॉक अभ्यास आयोजित करने की योजना बनाई गई है। इस ड्रिल में राज्य के 13 बाढ़-संभावित जिलोंअंबाला, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गुरुग्राम, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला, पानीपत, पलवल, सिरसा, सोनीपत और यमुनानगर को शामिल किया जाएगा, जहां नदियां स्थित हैं।
उन्होंने कहा कि बाढ़ पर आधारित यह राज्य-स्तरीय मॉक अभ्यासअपनी तरह की पहली पहल है, जो चयनित 13 जिलों में बाढ़ संबंधी खतरों पर केंद्रित है। यह आपदा तैयारी और प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह अभ्यास आपदा प्रबंधन योजनाओं की प्रभावशीलता, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण जैसी प्रमुख एजेंसियों के बीच समन्वय तथा स्थानीय प्रशासन की तैयारियों को परखने में मदद करेगा ।
उन्होंने कहा कि यह अभ्यास संचार प्रणालियों में सुधार करेगी तथा प्रारंभिक चेतावनी के प्रसार, लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की प्रक्रिया और संसाधनों के प्रभावी उपयोग में मौजूद कमियों की पहचान करने में सहायक होगी। कुल मिलाकर यह मॉक अभ्यास प्रतिक्रिया समय को कम करने, जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करने तथा बाढ़ के प्रति तैयारी और सहनशीलता की संस्कृति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
इस अवसर पर परियोजना अधिकारी, आपदा प्रबंधन, जिला प्रशासन अंजू राणा और अन्य संबधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे ।