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LPG Update: एलपीजी सिलेंडर पर लागू हुआ नया नियम! अब सिर्फ एक गैस कनेक्शन से ही चलाना होगा काम

LPG Update: अगर आपके पास PNG और LPG दोनों कनेक्शन हैं या सिर्फ एलपीजी कनेक्शन है, तो अब समय आ गया है कि आप अपनी व्यवस्था को चेक करें. साथ ही, नए नियमों के अनुसार ही इसे सही करें. अब सरकार के नए दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी हो गया है, ताकि आगे किसी तरह की परेशानी या नियमों के उल्लंघन से आप बच सकें.क्या आपके घर में LPG सिलेंडर और PNG दोनों कनेक्शन हैं? अब सरकार 'एक घर, एक कनेक्शन' नियम को सख्ती से लागू कर रही है. वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में तनाव के कारण गैस सप्लाई पर असर पड़ा है. इसी वजह से डुअल कनेक्शन रखना नियमों के खिलाफ माना जा रहा है. आपको बताते हैं कि नया नियम आपके लिए क्या मायने रखता है और सरकार ने यह कदम क्यों उठाया है.सरकार ने सख्त आदेश जारी करते हुए कहा है कि जिन घरों में पाइप्ड गैस (PNG) कनेक्शन है, उन्हें अब सब्सिडी वाला घरेलू एलपीजी सिलेंडर रखने की अनुमति नहीं होगी. 14 मार्च को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत नियमों में बदलाव किया है. नए नियम के अनुसार, अगर आपके पास पहले से PNG कनेक्शन है, तो आपको अपना LPG कनेक्शन सरेंडर करना होगा. यह कदम वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच LPG की मांग कम करने और PNG के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है.वाराणसी जिले में भी PNG व्यवस्था लागू होने के बाद हजारों घरों को अपना LPG कनेक्शन सरेंडर करना होगा. प्रशासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि जहां गेल (सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन) के जरिए PNG की सप्लाई शुरू हो चुकी है, वहां LPG कनेक्शन रखना नियमों के खिलाफ होगा और उपभोक्ताओं को इसके लिए 3 महीने का समय दिया गया है.नया नियम सिर्फ उपभोक्ताओं पर ही नहीं, बल्कि तेल कंपनियों और गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स पर भी लागू होता है. उन्हें निर्देश दिया गया है कि जिन घरों में पहले से PNG कनेक्शन है, उन्हें नया LPG कनेक्शन न दें और न ही सिलेंडर रिफिल करें. जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के मुताबिक, सरकार फिलहाल यह आकलन कर रही है कि देशभर में कितने घर ऐसे हैं जहां दोनों कनेक्शन का इस्तेमाल हो रहा है.अब तक 43,000 से ज्यादा उपभोक्ताओं ने खुद आगे आकर अपने LPG कनेक्शन छोड़ दिए हैं क्योंकि उन्होंने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का इस्तेमाल शुरू कर दिया है, लेकिन सरकार का मानना है कि ऐसे परिवारों की असली संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है. इसलिए अब डेटा की मदद से उन लोगों की पहचान की जा रही है जिन्होंने PNG लेने के बावजूद LPG कनेक्शन नहीं छोड़ा है. नियमों का पालन न करने वालों पर कार्रवाई भी हो सकती है.सरकार का मुख्य उद्देश्य उन घरों को पहले LPG देना है जिनके पास अभी तक पाइप गैस की सुविधा नहीं है. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा बाहर से पूरा करता है-लगभग 88% कच्चा तेल, 50% प्राकृतिक गैस और 60% LPG आयात करनी पड़ती है. पश्चिम एशिया में तनाव के कारण सप्लाई पर असर पड़ रहा है.भारत की LPG का बड़ा हिस्सा (लगभग 8590%) सऊदी अरब और UAE जैसे देशों से आता है. हाल ही में ईरान और इज़राइल के बीच तनाव के कारण कई सप्लाई रूट प्रभावित हुए हैं, खासकर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज, जिससे होकर बड़ी मात्रा में ईंधन गुजरता है. भारत ने कच्चे तेल की कमी को रूस जैसे देशों से खरीदकर काफी हद तक संभाल लिया है, लेकिन प्राकृतिक गैस की सप्लाई अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है. इसी वजह से सरकार ने फिलहाल नए LPG कनेक्शन देने पर रोक लगा दी है.गैस की कमी सिर्फ घरों तक सीमित नहीं है. होटल और रेस्टोरेंट जैसे व्यावसायिक सेक्टर भी LPG की सप्लाई में कटौती का सामना कर रहे हैं. इसके अलावा, कई औद्योगिक इकाइयों में भी गैस की उपलब्धता पर असर पड़ा है और उन्हें भी इसी तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

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