झालावाड़ में टूटी पाइपलाइन से सिंचाई व्यवस्था प्रभावित: किसानों ने कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन, अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने की मांग
झालावाड़ जिले के सुनेल क्षेत्र के किसानों ने रोशनबाड़ी और गागरिन लघु सिंचाई परियोजनाओं की बदहाल व्यवस्था को लेकर जिला कलेक्टर के नाम तहसीलदार अजहर बैग को एक ज्ञापन सौंपा है। किसानों ने पाइपलाइनों और नहरी तंत्र को शीघ्र दुरुस्त कर अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने की मांग की है।ज्ञापन में किसानों ने आरोप लगाया कि परियोजना पूर्ण होने के बावजूद आज तक खेतों तक सुचारू रूप से पानी नहीं पहुंच पाया है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि रोशनबाड़ी लघु सिंचाई परियोजना के तहत बांध का निर्माण वर्ष 2023 में पूरा हो चुका है और बांध में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध है।इसके बावजूद टूटी पाइपलाइनों और क्षतिग्रस्त नहरी तंत्र के कारण किसानों को समय पर सिंचाई हेतु पानी नहीं मिल पा रहा है। किसानों का कहना है कि संवेदक और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत के चलते तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी व्यवस्थाओं को दुरुस्त नहीं किया गया। उन्होंने कई बार लिखित रूप से अधिकारियों और संवेदक को समस्या से अवगत कराया, लेकिन मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया। इस वर्ष भी किसान रबी फसल के लिए बांध के पानी का इंतजार करते रहे, मगर खेतों तक पानी नहीं पहुंच सका।रिछड़ नदी पर बने रोशनबाड़ी बांध से दो मुख्य नहरें निकाली गई हैं, जिन पर 18 डिग्गियों का निर्माण किया गया है। इनसे किसानों के खेतों तक भूमिगत पाइपलाइन बिछाई गई है। लगभग प्रत्येक 7 हेक्टेयर भूमि पर 20 से 22 पाइंट बनाए गए हैं ताकि किसान आसानी से सिंचाई कर सकें। क्षेत्र में 90 एमएम से 180 एमएम तक की पाइपलाइन बिछाई गई है, लेकिन कई स्थानों पर पाइप लाइनें क्षतिग्रस्त होने से पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है।किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सिंचाई तंत्र को दुरुस्त नहीं किया गया तो खेतों तक पानी पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। इससे फसल उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा और किसानों की आर्थिक स्थिति और कमजोर होगी।किसानों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर सिंचाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की महत्वाकांक्षी सिंचाई योजनाओं का लाभ तभी मिलेगा जब निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण हो और समय-समय पर रखरखाव किया जाए। किसानों को समय पर पानी उपलब्ध कराना कृषि प्रधान क्षेत्र की सबसे बड़ी आवश्यकता है।इस दौरान किसान पीरुलाल धाकड़, मनोहर धाकड़, सत्यनारायण गुप्ता ,रामसिंह नागर,दयाराम पटेल ,रामसिंह पटेल,जितेंद्रसिंह मंडलोई, तुलेश मोड, नरेंद्रसिंह हाडा, गजराज सिंह, दीपचंद नागर,शोभाराम गुर्जर, लालचंद गुर्जर, शोभाराम मेघवाल सहित अन्य किसान मौजूद रहे।Aimamediajhalawar