नफरत
नफरत नही सिखाया हमें कभी माँ भारती ने, हम तो मुहबत का पैगंबर हैं, वसुंधय कुटुंबकम और अतिथि देव भव: का दीप जलता है हमारे दिल मे , इसी लिए हम फिरंगी नही जगत गुरु दिगंबर हैं.
नाम मे क्या रखा है, आप सिर्फ हमारा काम को देखो, आदर का अदब है सादर हमारा, आप सिर्फ हमारा सलाम को देखो, रब से दुआ है , सबको अयान मिले, सत्य, अहिंषा और प्रेम का पुजारी हैं हम, इसलिए सिर्फ आप हमारा पैग़ाम को देखो