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फर्जी ट्रेडिंग ऐप बनाकर 49 लाख के साइबर फ्रॉड में गुजरात के दो आरोपी गिरफ्तार

दोनों आरोपियों ने बी-टेक की पढ़ाई के दौरान बनाई थी यह आईडी, 7 दिन के पुलिस रिमांड के दौरान दोनों से पूछताछ जारी

पंचकूला/ 11 मई:-पंचकूला पुलिस के साइबर क्राइम थाना की टीम ने शेयर मार्केट में भारी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लाखों की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गुजरात से दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जैमिन हंसमुख भाई ठुमर निवासी सूरत गुजरात तथा दर्शक प्रकाश भाई गजेरा निवासी सूरत गुजरात के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों को इसी वर्ष 30 अप्रैल को साइबर क्राइम थाना में दर्ज एक मामलें में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2), 318(4), 336(3), 338, 340(2), 61(2) के तहत गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर आगे की पूछताछ एवं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 7 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है।

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार पंचकूला वासी शिकायतकर्ता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि जनवरी 2026 में वह इंस्टाग्राम पर रील देख रहे थे, जहां उन्हें शेयर मार्केट में हुए नुकसान की भरपाई और अधिक मुनाफा कमाने का दावा करने वाली एक वीडियो दिखाई दी। वीडियो में दिए गए व्हाट्सएप लिंक पर क्लिक करने के बाद उन्हें विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों में जोड़ा गया, जहां खुद को निवेश विशेषज्ञ बताने वाले लोगों ने उन्हें प्राइमरी ट्रेडिंग अकाउंट खोलने और विशेष शेयर खरीदने का लालच दिया। आरोपियों ने खुद को कोटक सिक्योरिटीज से जुड़ा बताते हुए शिकायतकर्ता का भरोसा जीता और फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म एवं नकली मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से निवेश करवाना शुरू कर दिया।

साइबर थाना प्रभारी युद्धवीर ने बताया कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता को एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करवाकर उसमें आईडी बनवाई और विभिन्न बैंक खातों में अलग-अलग तारीखों में पैसे जमा करवाने शुरू कर दिए। शिकायतकर्ता ने फरवरी से अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग कंपनियों एवं खातों में कुल 49 लाख 31 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। शुरुआत में विश्वास कायम रखने के लिए आरोपियों ने शिकायतकर्ता के खाते में लगभग 7 हजार रुपये का मुनाफा भी ट्रांसफर किया, जबकि फर्जी ऐप में कुल राशि 1 करोड़ 17 लाख रुपये से अधिक दिखाई जा रही थी।

जब शिकायतकर्ता ने अपने पैसे निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने सर्विस चार्ज और ब्रोकरेज फीस और अन्य टैक्स के नाम पर अतिरिक्त 13 लाख 65 हजार रुपये जमा करवाने की मांग की। इस पर शिकायतकर्ता को शक हुआ और वह कोटक सिक्योरिटीज के कार्यालय पहुंचे, जहां जांच में पता चला कि उनके मोबाइल में मौजूद ऐप पूरी तरह फर्जी है तथा कंपनी के रिकॉर्ड में उनका कोई ट्रेडिंग अकाउंट मौजूद नहीं है। इसके बाद शिकायतकर्ता ने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई। मामलें की जांच एएसआई बृजेश द्वारा की जा रही है।

एसीपी क्राइम अरविंद कंबोज के अनुसार साइबर क्राइम पंचकूला की टीम ने तकनीकी जांच शुरू की। जांच के दौरान व्हाट्सएप, गूगल तथा सेबी से रिकॉर्ड प्राप्त किया गया। पुलिस को फर्जी ऐप से जुड़ी जानकारी मिली, जिसके आधार पर टीम गुजरात पहुंची। जांच में सामने आया कि फर्जी एप्लीकेशन एवं संबंधित गूगल अकाउंट जैमिन हंसमुख भाई ठुमर द्वारा अपने साथी दर्शक गजेरा के साथ मिलकर तैयार किए गए थे। दोनों आरोपियों ने वर्ष 2021 में बी-टेक की पढ़ाई के दौरान यह आईडी बनाई थी, जिसका इस्तेमाल बाद में साइबर फ्रॉड में किया गया।

दोनों आरोपियों को 10 मई को गिरफ्तार कर लिया गया। आज दोनों को कोर्ट में पेश कर 7 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। पुलिस के अनुसार मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है जिसमें कई संदिग्ध शामिल हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों ने कितनी अन्य फर्जी गूगल आईडी एवं मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर देशभर में साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दिया।

पंचकूला पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया, इंस्टाग्राम रील, व्हाट्सएप ग्रुप या अनजान लिंक के माध्यम से शेयर मार्केट में भारी मुनाफे का लालच देने वाले लोगों से सतर्क रहें। किसी भी अनधिकृत ऐप या लिंक पर भरोसा करने से पहले संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट अथवा कार्यालय से सत्यापन अवश्य करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाएं।

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