चतुर्वेद व्याख्यान माला में गूंजा गौ महिमा और वेद विज्ञान का संदेश
वृंदावन। मंदिरों की नगरी वृंदावन में इन दिनों आध्यात्म और वेद ज्ञान की अनूठी छटा बिखर रही है। देश-विदेश से आए श्रद्धालु भक्ति और ज्ञान के इस संगम में डुबकी लगाकर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
पानीघाट क्षेत्र स्थित श्री रास बिहारी आश्रम (जगन्नाथ मंदिर) में निकुंजवासी संत रास बिहारी महाराज के निकुंज लीला प्रवेश के सप्तम वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित चतुर्वेद व्याख्यान माला का सप्तम दिवस गौ माता की महिमा के विस्तारपूर्ण वर्णन के साथ संपन्न हुआ।
व्यासपीठ से रजनीश महाराज ने अथर्ववेद पर व्याख्यान देते हुए गौ माता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गौ माता का महत्व केवल मानव जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि संपूर्ण प्रकृति और पर्यावरण के संतुलन में भी उसकी अहम भूमिका है। प्रत्येक व्यक्ति को गौ सेवा से जुड़कर उनकी रक्षा और सुरक्षा का संकल्प लेना चाहिए।
व्याख्यान के दौरान भूगोल और खगोल विज्ञान पर भी विस्तार से चर्चा की गई। सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण से जुड़े वेदों में वर्णित तथ्यों का उल्लेख करते हुए श्रद्धालुओं को वैदिक ज्ञान से अवगत कराया गया