Oil
*भारत हर साल 15 लाख करोड़ का कच्चा तेल विदेश से खरीदता हैं और 7 लाख करोड़ का सोना.ये क़ीमतडॉलर में चुकानी पड़ती है.दोनों मिलकर देश के इंपोर्ट बिल का 30% से अधिक है. तेल और सोने की जितनी ज़्यादा ख़रीद उतनी डॉलर की माँग बढ़ती है. जितनी माँग बढ़ती है उतनी डॉलर की क़ीमत बढ़ती है यानी रुपया कमज़ोर होता है.रुपया जितना टूटता है उतना तेल और सोना ख़रीदना और महंगा हो जाता है. आज डॉलर का दाम 95 से ऊपर बंद हुआ है*.