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मोदी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का डर दिखाकर 85 लाख सब्सक्राइबर्स वाले 4PM युटुब चैनल को बंद कर दिया.लेकिन जब मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुँचा तो सच अदालत

मोदी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का डर दिखाकर 85 लाख सब्सक्राइबर्स वाले 4PM युटुब चैनल को बंद कर दिया.
लेकिन जब मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुँचा तो सच अदालत के रिकॉर्ड में खुद सामने आ गया.

कोर्ट ने साफ लिखा कि 4PM पर लगभग 50 हजार वीडियो थे और उनमें से सिर्फ 26 वीडियो पर आपत्ति जताई गई.

फिर सवाल ये है कि 50 हजार वीडियो वाले पूरे चैनल को क्यों बंद किया गया ! क्या यही लोकतंत्र है !

अगर 26 वीडियो पर विवाद था तो कानून के मुताबिक उन्हीं वीडियो पर कार्रवाई होनी चाहिए थी.

लेकिन यहाँ पूरा चैनल बंद कर दिया गया. यानी निशाना वीडियो नहीं था. निशाना आवाज थी.

सरकार अदालत में राष्ट्रीय सुरक्षा और पब्लिक ऑर्डर जैसे भारी-भरकम शब्द लेकर पहुँची. लेकिन आखिर में कोर्ट को कहना पड़ा कि कथित आपत्तिजनक वीडियो अस्थायी रूप से ब्लॉक करो और चैनल बहाल करो.

मतलब साफ है. करोड़ों दर्शकों की आवाज बंद करने की कोशिश की गई.

आज देश में हालत ये है कि सरकार से सवाल पूछो तो राष्ट्रविरोधी सच दिखाओ तो खतरा और सत्ता की आलोचना करो तो पूरा चैनल बंद.

लेकिन याद रखिए.

4PM बिकने वालों में नहीं है.
डरने वालों में नहीं है.
झुकने वालों में नहीं है.

मोदी सरकार पूरी ताकत लगाकर भी सच की आवाज को स्थायी रूप से बंद नहीं कर सकी.

आखिरकार अदालत के रिकॉर्ड में दर्ज हो गया कि 50 हजार वीडियो वाले चैनल को सिर्फ 26 वीडियो के नाम पर बंद किया गया था. साथ ही ये आज तक नहीं बताया गया कि इन 26 विडियो में आपत्तिजनक क्या था !

इतिहास गवाह है.
सत्ता हमेशा सवालों से डरती है.
और जब सरकार मीडिया से डरने लगे, समझ लीजिए सच अभी जिंदा है

यूट्यूब चैनल ब्लॉकिंग पर सरकार ने फैसला वापस लिया, सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी: 73 लाख सब्सक्राइबर वाला चैनल फिर बहाल"*

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 'राष्ट्रीय सुरक्षा' और 'पब्लिक ऑर्डर' का हवाला देकर ब्लॉक किए गए यूट्यूब न्यूज चैनल '4PM' पर लगाया गया प्रतिबंध वापस ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट में 13 मई 2025 को सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने बेंच को बताया कि "ब्लॉकिंग ऑर्डर वापस ले लिया गया है"। इसके बाद 73 लाख सब्सक्राइबर्स वाला चैनल फिर से बहाल हो गया। 5fa8

क्या था पूरा मामला
1. चैनल ब्लॉक: 29 अप्रैल 2025 को सरकार के आदेश पर यूट्यूब ने '4PM News' चैनल ब्लॉक कर दिया था। यूट्यूब पर मैसेज आया कि चैनल 'राष्ट्रीय सुरक्षा या पब्लिक ऑर्डर' से जुड़े सरकारी आदेश के कारण भारत में उपलब्ध नहीं है।

2. याचिका दाखिल: चैनल के एडिटर संजय शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर ब्लॉकिंग ऑर्डर रद्द करने की मांग की। याचिका में कहा गया कि ब्लॉकिंग "पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर हमला" है और जनता के सूचना पाने के अधिकार का उल्लंघन है।

3. कोर्ट में सुनवाई: 5 मई को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा। याचिकाकर्ता के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि बिना कोई नोटिस दिए पूरा चैनल ब्लॉक कर दिया गया और कोई कारण भी नहीं बताया गया।

4. सरकार ने आदेश वापस लिया:
13 मई की सुनवाई में सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि सरकार ने ब्लॉकिंग ऑर्डर वापस ले लिया है। 037081a288885fa8

'26 वीडियो' वाला दावा कहां से आया
आपके मैसेज में '50 हजार वीडियो में से 26 पर आपत्ति' का जिक्र है। सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट के सार्वजनिक आदेशों में अभी तक 26 वीडियो की संख्या का स्पष्ट उल्लेख नहीं मिला है। याचिका में कहा गया कि ब्लॉकिंग "अघोषित निर्देश" के तहत हुई और याचिकाकर्ता को कोई आदेश या शिकायत नहीं दी गई। 5fa84341

प्रेस संगठनों ने उठाए सवाल
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, IWPC समेत 5 पत्रकार संगठनों ने 1 मई को बयान जारी कर कहा कि '4PM' ने पहलगाम हमले में सुरक्षा चूक पर सवाल उठाए थे। संगठनों ने इसे "अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला" बताया और चैनल बहाल करने की मांग की। 0370

T रूल्स को भी दी चुनौती
संजय शर्मा की याचिका में IT ब्लॉकिंग रूल्स 2009 के नियम 9 और 16 को भी चुनौती दी गई है। नियम 16 के तहत ब्लॉकिंग की सारी कार्रवाई गोपनीय रखी जाती है। याचिका में मांग की गई कि कंटेंट हटाने से पहले नोटिस और सुनवाई का मौका देना अनिवार्य किया जाए। कोर्ट ने इस याचिका को नियम 16 को चुनौती देने वाली अन्य लंबित याचिकाओं के साथ टैग कर दिया है। 5fa8

अभी स्थिति क्या है
सरकार ने ब्लॉकिंग ऑर्डर वापस ले लिया है और चैनल YouTube पर फिर से उपलब्ध है। लेकिन IT रूल्स की वैधता पर सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में जारी रहेगी।

संजय शर्मा जी के वाल से

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