"बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ" अभियान का पुलिस ने उड़ाया मजाक;दतिया में दबंगई के चलते भय के साए में पलायन को मजबूर ब्राह्मण परिवार, घर में घुसकर दिन दहाड़े की
सेवा में,मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, मध्यप्रदेशजिला कलेक्टर महोदय, दतिया (म.प्र.)
प्रतिलिपि: पुलिस अधीक्षक, दतिया
विषय: गंभीर संज्ञेय अपराधों में FIR दर्ज न किए जाने, पुलिस की लापरवाही, परिवार को घर छोड़ने पर मजबूर किए जाने एवं सुरक्षा हेतु त्वरित हस्तक्षेप की प्रार्थना।
महोदय,
मैं राधा दुबे, पुत्री श्री सियासरण दुबे, निवासी ग्राम रछार, जिला दतिया (म.प्र.), अत्यंत भय एवं मानसिक पीड़ा की स्थिति में यह प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर रही हूँ।
घटना का संक्षिप्त विवरण:
दिनांक ___ को प्रातः लगभग 10 बजे करीब 25 लोग, जिनमें अरविंद दांगी, आशीष, आशिक दांगी, राघवेंद्र दांगी एवं अन्य अज्ञात व्यक्ति (कुछ मुखौटा लगाए हुए) शामिल थे, हमारे घर में अवैध रूप से घुस आए। उन्होंने मेरे एवं मेरी माता के साथ अभद्र व्यवहार किया, जबरदस्ती की, पूरे घर की तलाशी ली तथा मेरे भाई के बारे में पूछताछ की।
भाई के संबंध में तथ्य:
मेरा भाई दिनांक ___ की रात्रि लगभग 12:30 बजे यह कहकर घर से निकला था कि मेरे मित्र की गाड़ी खराब हो गई है, मैं उसे लेने जा रहा हूँ। इसके बाद हमें लगा कि वह वापस आ गया होगा और हम सो गए। उस समय तक हमें यह बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी कि वह कहाँ गया है या किसके साथ है।
इसी संबंध में सुबह मेरे पिताजी की बातचीत अरविंद दांगी (जो मुस्कान दांगी के चाचा हैं) से हुई थी, जिसमें उन्होंने भी स्पष्ट कहा था कि उन्हें इस विषय में कोई जानकारी नहीं है।
बाद में संबंधित लड़की मुस्कान दांगी द्वारा स्वयं सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर स्पष्ट रूप से बताया गया कि वह अपनी इच्छा एवं सहमति से मेरे भाई के साथ गई है। इसके बावजूद भी हमारे पूरे परिवार को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है तथा हमारी FIR अब तक दर्ज नहीं की गई है।
घटना की गंभीरता:
जब आरोपियों को मेरे भाई के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली, तब उन्होंने मुझे जबरदस्ती अपने साथ ले जाने का प्रयास किया। मेरी माता को धक्का देकर गिराया गया, उनके गले से मंगलसूत्र छीन लिया गया, गंदी एवं अश्लील गालियाँ दी गईं तथा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी मारपीट कर गंभीर चोटें पहुँचाई गईं। हमारे घर की संपत्ति को भी नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया गया।
इन घटनाओं एवं लगातार मिल रही धमकियों के कारण मेरे माता-पिता एवं हम सभी को अपना घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। आज हमारा पूरा परिवार भय, असुरक्षा एवं मानसिक तनाव में जीवन व्यतीत कर रहा है। FIR दर्ज न होने के कारण हम अंदर से पूरी तरह टूट चुके हैं और हमें यह डर बना हुआ है कि आरोपियों द्वारा दोबारा कोई गंभीर घटना की जा सकती है।
पुलिस की लापरवाही एवं पक्षपात:
घटना के पश्चात मैंने थाना उनाव में शिकायत दर्ज कराई, परंतु वहाँ उपस्थित पुलिस अधिकारी श्री यतेन्द्र भदौरिया द्वारा
हमें लगभग 5 घंटे तक थाने में बैठाकर रखा गया,
हमारे बयान सही तरीके से दर्ज नहीं किए गए,
हमारी शिकायत के अनुरूप FIR दर्ज नहीं की गई,
केवल अत्यंत हल्की धाराओं में NCR दर्ज कर मामले को कमजोर किया गया,था दूसरी पार्टी के साथ अलग से बातचीत कर पक्षपातपूर्ण व्यवहार किया गया।
यह आचरण न केवल कर्तव्य की घोर उपेक्षा है, बल्कि न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला है।
जान-माल का खतरा:
जिस प्रकार आरोपियों ने संगठित होकर हमारे घर में प्रवेश कर हमला किया, उससे हमें अपनी जान एवं संपत्ति का गंभीर खतरा है। आशंका है कि वे पुनः हमला कर सकते हैं।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि:
1. इस प्रकरण में तत्काल प्रभाव से गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कराई जाए।
2. आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
3. हमारे परिवार को पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए।
4. संबंधित थाना उनाव के पुलिस अधिकारियों की भूमिका एवं लापरवाही की उच्च स्तरीय जाँच कराई जाए तथा उनके विरुद्ध विधिक कार्यवाही की जाए।
5. मेरे भाई की स्थिति के संबंध में निष्पक्ष एवं त्वरित जाँच कराई जाए।
महोदय, जब संबंधित लड़की स्वयं सोशल मीडिया पर यह स्पष्ट कर चुकी है कि वह अपनी इच्छा से गई है, तब हमारे परिवार को प्रताड़ित करना और हमारी FIR दर्ज न करना अत्यंत अन्यायपूर्ण है।
आपसे निवेदन है कि मेरे प्रार्थना पत्र पर तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक विधिक कार्यवाही सुनिश्चित करें, ताकि मेरे परिवार को न्याय एवं सुरक्षा मिल सके।
भवदीया,
राधा दुबे
पुत्री श्री सियासरण दुबे
निवासी: ग्राम रछार, जिला दतिया (म.प्र.)