कैथल न्यायिक परिसर में हुआ राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, 7,308 मामलों का हुआ निपटारा
कैथल (पुष्पा रानी)9 मई। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कैथल की अध्यक्षा एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंचन माही के मार्गदर्शन में शनिवार को न्यायिक परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, इसमें 7 हजार 308 मामलों का निपटारा किया गया। लोक अदालत के माध्यम से लोगों को अधिक से अधिक मामलों का आपसी सहमति से समाधान करने के लिए प्रेरित किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कंवल कुमार ने बताया कि लोक अदालत में कुल 12 हजार 789 लंबित मामलों को रखा गया था, जिनमें से 7 हजार 308 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया। विभिन्न आपराधिक मामलों, एनआई एक्ट, बैंक रिकवरी, मोटर वाहन दुर्घटना दावा, श्रम विवाद, राजस्व एवं अन्य मामलों में कुल 6 करोड़ 22 लाख 7 हजार 875 रुपये की राशि के मामलों का निपटारा किया गया।
उन्होंने कहा कि लोक अदालत ऐसा मंच है, जहां विवादों का समाधान पक्षकारों की पारस्परिक सहमति से किया जाता है। इसमें किसी पक्ष की हार या जीत नहीं होती, बल्कि दोनों पक्षों के बीच सौहार्द और भाईचारे की भावना मजबूत होती है। लोक अदालत शीघ्र, सरल एवं सस्ता न्याय प्रदान करने का प्रभावी माध्यम है, इसलिए इसे जनता की अदालत भी कहा जाता है।
उन्होंने बताया कि लोक अदालत में किसी प्रकार का न्यायालय शुल्क नहीं लिया जाता तथा यदि पहले से कोर्ट फीस जमा करवाई गई हो तो समझौता होने पर उसे वापस भी कर दिया जाता है। लोक अदालत के माध्यम से मामलों का तुरंत निपटारा होने से आमजन को आसानी से न्याय प्राप्त होता है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नंदिता कौशिक, अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश (सीनियर डिवीजन) अपर्णा भारद्वाज, सिविल न्यायाधीश (जूनियर डिवीजन) संदीप कौर, तुषार शर्मा, साक्षी मेंगी तथा अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश (जूनियर डिवीजन) गुहला डिवीजन राजविंदर सिंह की बेंचों का गठन किया गया।
पुष्पा रानी रिपोर्टर कैंथल हरियाणा