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गुरु सत्यज्वाला की निश्रा में कांटेड़ परिवार द्वारा पंचतीर्थ यात्रा

बेंगलूरु(दलपतसिंह भायल)शहर के कामनहल्ली निवासी इंदरचंद काटेड़ परिवार द्वारा गुरू सत्यज्वाला की पावन निश्रा व सोनाणा खेतलाजी के भक्तराज दिलीप सोनी के आशीर्वाद एवं मां पद्मावती मित्र मंडल के सानिध्य में आयोजित तीर्थ यात्रा संघ शुक्रवार सायं गणेशबाग बेंगलोर से 108 श्रावक-श्राविकाओं के संघ का प्रयाण हुआ जो पंचतीर्थी कर सोमवार भोर वेला में बेंगलोर पहुंचा। पंच तीर्थी में शनिवार को अरसीकेरे तीर्थ के दर्शन, बिरुर में विमलनाथ दादा - स्वर्ण मंदिर के दर्शन व रविवार को हुमचा में पार्श्व-पद्मावती, एन. आर. पुरा में चन्द्रप्रभु ज्वालामलिनी एवं सायं कारकल स्थित दक्षिण पावापुरी के दर्शन किए। श्रद्धालुओं ने सभी तीर्थों में भक्ति के साथ अन्तःकरण से पूजा अर्चना की। तीर्थ यात्रा का आयोजन कांटेड़ परिवार के घर-आंगन में दोहित्री विदिशा छाजेड़, व दोहित्र दक्ष कंकालिया के आगमन की खुशी में किया गया जिसकी सभी ने अनुमोदना की। इस अवसर पर बिरुर आराधना भवन में सम्मान समारोह का आयोजन भी रखा गया जिमें गुरुभगवन्तों अतिथियों एवं कांटेड़ परिवार का सम्मान किया गया। इस दौरान अरसीकेरे पूर्व नगर पालिका के अध्यक्ष बी. एन. विद्याधर भी पूज्य गुरुदेव गुरू सत्यज्वाला के दर्शनार्थ हेतु बिरूर समारोह में पधारें। एन. आर. पुरा ज्वालामलिनी तीर्थ में लक्ष्मीसेन भट्टारक ने अपने उद्बोधन में ज्वालामालिनी देवी की महिमा का वर्णन करते हुए जैन समाज की एकता पर बल देते हुए जैन समाज के इतिहास पर प्रकाश डाला और कहा कि आज के दौर में सभी जैन धर्मावलम्बियों को संगठित होना समय की मांग है।

समारोह में हीरालाल कांटेड़, प्रकाश कांटेड़, मांगीलाल कांटेड़, जयचन्द ककलिया, प्रकाश कांटेड़, देवीचंद बाठिया, मानक लुणावत, महेन्द्र धारीवाल, चेतन भलगट, निर्मलाबाई कांटेड़, कांताबाई कांटेड़, सविता भंसाली, कविता दरला, मैनैबाई कांटेड़ सहित सभी तीर्थ यात्री शरीक हुए। समारोह का संचालन संघपति इंदरचंद कांटेड़ ने किया।

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