मोदी का संदेश कैसे बढ़ाएं देश की अर्थव्यवस्था, सोने का परित्याग वर्क फ्रॉम होम
*सोने का परित्याग व रियल एस्टेट में निवेश से रुपया मजबूत होगा महंगाई पर अंकुश लगेगा* सोना खरीदने से डॉलर मजबूत होगा और रुपया कमजोर होता है, और रुपया कमजोर हुआ तो घूम फिर कर महंगाई की मार आपके ऊपर ही आएगी, वैश्विक सप्लाई चेन में आए संकट को देखते हुए पीएम ने स्पष्ट कहा कि देशहित में अगले एक वर्ष तक शादियों या अन्य मांगलिक कार्यक्रमों में सोने के गहने खरीदने से बचें और पेट्रोल-डीजल की खपत कम करें ,मेट्रो का चयन करें, यह खबर चलते ही वैश्विक बाजार में भूचाल आ गया, क्योंकि भारत दूसरे नंबर पर सोने का उपभोक्ता है, भारत को सोन का आयात करना पड़ता है और पेमेंट डोलर में करना पड़ता है, जिस कारण रुपया कमजोर होगा और डॉलर की कीमत में वृद्धि होगी, उधर कच्चे तेल के आयात में सरकार को अधिक डॉलर का पेमेंट करना पड़ रहा है, तेल की खपत देश मे कम होगी, तो सरकार को कम डॉलर में पेमेंट करना पड़ेगा, इस प्रकार विदेशी मुद्रा बचा कर रुपया मजबूत किया जा सकता है भारत ने पिछले वित्त वर्ष (2024-25) में लगभग 58 अरब डॉलर (USD 58 billion) का सोना आयात किया था। भारतीय रुपये में यह लगभग 4.85 लाख करोड़ के आसपास बैठता है,
इसके बाद 2025-26 में यह और बढ़कर लगभग 71.98 अरब डॉलर तक पहुँच गया, जो अब तक का रिकॉर्ड स्तर माना जा रहा है, बड़े निवेशक यदि सोने में निवेश ना करके रियल एस्टेट में निवेश करें इससे रुपया मजबूत होगा, क्योंकि इससे सरकार को बैंक लोन से ब्याज प्राप्त होगा, रजिस्ट्री से लाभ प्राप्त होगा, रूपया मजबूत होगा, सोना खरीदना आपको महंगा पड़ेगा किंतु रखें सोने को मंदिरो में दान करने पर रुपया मजबूत होगा, देखने वाली बात यह है कि यह बयान यदि ट्रंप ने अपने देशवासियों को दिया होता, तो पल भर में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में काफी गिरावट आ जाती, प्रधानमंत्री की सलाह मानकर जैसे आपने कोरोना को हराया इसी प्रकार महंगाई को भी हराना होगा , भारत यदि सोने की खरीदारी कम करेगा तो कुछ ही समय में सोने के दाम और महंगाई निचले स्तर पर आ जाएगी। *अवतोष शर्मा वित्तीय लेखक*