किम जोंग उन को कुछ हुआ तो होगा स्वतः परमाणु हमला, उत्तर कोरिया ने बदला संविधान:-
उत्तर कोरिया ने अपने संविधान और सैन्य नीति में एक बेहद महत्वपूर्ण और चिंताजनक बदलाव किया है, जिसके बाद वैश्विक स्तर पर सुरक्षा विशेषज्ञों और कई देशों की चिंताएं बढ़ गई हैं। नई व्यवस्था के अनुसार यदि उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन की हत्या हो जाती है, या किसी विदेशी सैन्य हमले में देश की केंद्रीय कमांड प्रणाली पूरी तरह नष्ट हो जाती है, तो उत्तर कोरियाई सेना स्वतः परमाणु हमला करने के लिए अधिकृत होगी। इसके लिए किसी अतिरिक्त राजनीतिक या सैन्य आदेश की आवश्यकता नहीं होगी। विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव उत्तर कोरिया की तथाकथित ऑटोमैटिक न्यूक्लियर रिस्पॉन्स सिस्टम रणनीति का हिस्सा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि देश का शीर्ष नेतृत्व समाप्त भी हो जाए, तब भी उत्तर कोरिया की परमाणु प्रतिरोध क्षमता बनी रहे और दुश्मन देश किसी भी प्रकार के लीडरशिप डिकैपिटेशन स्ट्राइक यानी नेतृत्व को खत्म करने वाली सैन्य कार्रवाई के बारे में सोचने से पहले कई बार विचार करें। उत्तर कोरिया लंबे समय से अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान को अपनी सुरक्षा के लिए खतरा बताता रहा है। हाल के वर्षों में अमेरिका और दक्षिण कोरिया द्वारा संयुक्त सैन्य अभ्यास बढ़ाने के बाद प्योंगयांग लगातार आक्रामक बयान देता रहा है। अब संविधान में किए गए इस संशोधन को उत्तर कोरिया ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए आवश्यक कदम बताया है।अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति वैश्विक तनाव को और बढ़ा सकती है। आलोचकों का कहना है कि यदि भविष्य में किसी गलतफहमी, साइबर हमले या सीमित सैन्य संघर्ष के दौरान उत्तर कोरिया की कमांड प्रणाली प्रभावित होती है, तो स्थिति अनियंत्रित परमाणु युद्ध तक पहुंच सकती है। संयुक्त राष्ट्र और कई पश्चिमी देशों ने पहले भी उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर चिंता व्यक्त की है। अब इस नए संवैधानिक बदलाव के बाद एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस नीति से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियारों को केवल रक्षा साधन नहीं, बल्कि शासन की निरंतरता और रणनीतिक अस्तित्व का आधार मानता है।