सामाजिक मतभेद विभिन्नता को दूर करने के लिए चार पंक्तियां इस प्रकार है जो आपस में समाहित एकाल विचारधारा को एक नए विजन की तरफ प्रेरित करेगा
आओ मिलकर हाथ बढ़ाएं मत भेद को मिटाए मिटा कर नफरत की दीवारें खुशियों का संसार सजाए जाति-पाति और धर्म मजहब यह तो सब है इंसानी सोच ऊपर वालों ने तो भेजी रूहू में बस प्रेम की लोच है अलग रंग है अलग रूप है और मिट्टी तो एक ही है अलग रंग है आओ और सब मिलजुलकर अपने संगठन को मजबूत बनाएं आओ हम सब दुख में सब के आंसू बातें सुख में मिलकर खुशी मनाएं एक दूसरे के उत्सव को मिलकर अपना सुंदर पर्व बनाएं मीठे कड़वे मन की बातें दिल में मीठी प्रीत जगाए सामुदायिक एकता की मिसाल से सारे संगठन को जग रोशन कर पाए हाथों में जब हाथ को अपना शक्ति बढ़ेगी पल-पल में मंजिल खुद चलकर आएगी एकता के हर काल में हम अलग-अलग नहीं हम एक ही हैं यह संदेश सुनना है इंसानियत के सच्चे पद पर कम से कदम बढ़ाना हैमास्टर जयपाल सिंह दोसा