अग्निकांड
*सीतामऊ में भीषण अग्निकांड: उदिया किराना स्टोर में लगी आग, 3 दुकानें खाक, करोड़ों के नुकसान की आशंका*
*दो महीने से फायर ब्रिगेड की मांग कर रही थी जनता, कई आगजनी के बाद भी नहीं चेते जिम्मेदार; व्यापारियों का आरोपदेर रात विधायक ने नहीं उठाया फोन*
मंदसौर जिले के सीतामऊ नगर के बस स्टैंड स्थित उदिया किराना स्टोर में रविवार रात करीब 10 बजे भीषण आग लगने से पूरे नगर में हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते उदिया किराना स्टोर सहित आसपास की 3 दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं, जबकि 4 अन्य दुकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस अग्निकांड में एक करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि दुकान के अंदर बड़ी मात्रा में रखा किराना सामान और तेल के टैंकर के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया।
घटना के बाद नगरवासियों और व्यापारियों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि पिछले दो महीने से लगातार सीतामऊ में फायर ब्रिगेड की मांग की जा रही थी, क्योंकि नगर में पहले भी कई आगजनी की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदारों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। लोगों का आरोप है कि प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा था और रविवार रात वही बड़ा हादसा हो गया। आग बुझाने के लिए सीतामऊ में कोई फायर ब्रिगेड उपलब्ध नहीं थी, जिसके चलते सुवासरा, मंदसौर और नगरी से दमकल वाहन बुलाने पड़े। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद देर रात 2 बजे आग पर काबू पाया जा सका।
आग बुझाने के दौरान थाना प्रभारी कमलेश प्रजापति की भूमिका भी चर्चा का विषय रही। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार थाना प्रभारी स्वयं टैंकर की नली लेकर धधकती आग के बीच घुसते रहे और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर आग पर काबू पाने के प्रयास करते रहे। उनके साथ पुलिस बल और नगर के लोगों ने भी पूरी रात राहत कार्य में सहयोग किया।
।।अर्जुन पाटीदार।।
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि आग लगने के बाद देर रात क्षेत्रीय विधायक हरदीपसिंह डंग को लगातार फोन लगाए गए ताकि तत्काल फायर ब्रिगेड और अन्य मदद मिल सके, लेकिन विधायक ने फोन रिसीव नहीं किया। इससे व्यापारियों में और अधिक नाराजगी देखी गई। आगजनी की सूचना मिलते ही एसडीएम शिवानी गर्ग और तहसीलदार मोहित सिनम भी मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। घटना के विरोध में व्यापारियों ने सोमवार को नगर बंद का आह्वान किया है और नगर परिषद की लापरवाही पर जवाबदेही तय करने की मांग की है।