बदांयू के कछला पतित पावनी गंगा घाट पर आस्था शर्मसार है। यहां सत्ता के गुर्गों ने वसूली का साम्राज्य खड़ा कर दिया है।
बदांयू के कछला पतित पावनी गंगा घाट पर आस्था शर्मसार है। यहां सत्ता के गुर्गों ने वसूली का साम्राज्य खड़ा कर दिया है। स्नान को आने वाली हर कार से बस-टेम्पो से 50 रूपये का 'गुंडा टैक्स' लिया जा रहा है।
मुरादाबाद से आए श्रद्धालु विनोद शर्मा बोले- " सरकार ने पूरे प्रदेश में पार्किंग शुल्क तो खत्म कर दिया, फिर किस बात के रूपये तो ठेकेदार के लड़कों ने कॉलर पकड़ ली। बोले, योगी जी का राज है, देना पड़ेगा।"
स्थानीय दुकानदार कल्याण कश्यप का आरोप- "पुलिस चौकी 100 मीटर दूर है, पर कोई सुनवाई नहीं। सबकी मिलीभगत है।"
सूत्र बताते हैं बिना टेंडर के खुलेआम उगाही चल रही है। पैसा न देने पर मारपीट तय है। श्रद्धालु पूछ रहे हैं- क्या गंगा में डुबकी अब सत्ता की मर्जी से लगेगी? प्रशासन कब तोड़ेगा ये अवैध वसूली का सिंडिकेट?