नेपाल बॉर्डर पर नई सख्ती! बिना ID अब एंट्री बंद | सीमा पर हड़कंप
नेपाल की बालेन सरकार ने भारतीय नागरिकों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए अब नेपाल में प्रवेश करने के लिए वैध पहचान पत्र (ID) दिखाना अनिवार्य कर दिया है। शनिवार सुबह से ही भारत-नेपाल सीमा, खासकर जोगबनी बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है।
ID न होने की वजह से कई लोगों को सीमा से ही वापस लौटाया जा रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर व्यापारियों, मरीजों और पर्यटकों पर पड़ रहा है, जिन्हें रोजमर्रा के कामों के लिए नेपाल जाना पड़ता है।
बिहार के अररिया जिले की लगभग 90 किलोमीटर सीमा नेपाल से जुड़ी हुई है। वर्षों से इन इलाकों में भारत और नेपाल के बीच रोटी-बेटी का रिश्ता रहा है, जहां हजारों लोग हर दिन बिना किसी परेशानी के दोनों देशों के बीच आवाजाही करते थे। लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले सीमा पार करना सामान्य प्रक्रिया थी, लेकिन अब हर व्यक्ति की कड़ी जांच की जा रही है। सीमा पर लंबी कतारें लग रही हैं और कई लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
सीमा पर हाई अलर्ट
नेपाल प्रशासन ने अवैध घुसपैठ, संदिग्ध गतिविधियों और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी है। नेपाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हर आने-जाने वाले व्यक्ति पर कड़ी नजर रख रही हैं। सीमा पर अतिरिक्त सुरक्षाबलों की भी तैनाती की गई है।
वहीं भारत की तरफ भी सशस्त्र सीमा बल (SSB) और उत्तर बिहार के सीमावर्ती जिलों बेतिया, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, दरभंगा और मधुबनी की पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस को होटलों और लॉज की लगातार जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
चीनी नागरिक की गिरफ्तारी के बाद बढ़ी सख्ती
तीन दिन पहले अररिया के जोगबनी बॉर्डर के पास एक चीनी नागरिक को बिना वैध दस्तावेजों के पकड़ा गया था। जानकारी के अनुसार, चीन के हुनान प्रांत का रहने वाला झाओ हुआन नाम का व्यक्ति नेपाली नंबर के स्कूटर से भारत में प्रवेश कर रहा था। इसी घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां और ज्यादा सतर्क हो गई हैं।
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या भारत-नेपाल के वर्षों पुराने खुले सीमा संबंधों पर इसका असर पड़ेगा? और आम लोगों को इस नई सख्ती से कब तक राहत मिलेगी?