तेल संकट पर सरकार की बड़ी चेतावनी रोज़ 1000 करोड़ का नुकसान!
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि सरकारी तेल कंपनियां हर दिन लगभग 1000 करोड़ का नुकसान झेल रही हैं। अनुमान है कि इस तिमाही में यह घाटा 1 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है।
कारण साफ है अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार आम जनता को महंगाई से बचाने के लिए अभी भी पुराने रेट पर पेट्रोल-डीजल बेच रही है। इसी वजह से तेल कंपनियों की अंडर-रिकवरी 2 लाख करोड़ के पार जाने की आशंका जताई जा रही है।
भारत अपनी जरूरत का लगभग 80% तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में दुनिया में युद्ध, तनाव और सप्लाई संकट का सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।
हरदीप सिंह पुरी ने लोगों से ऊर्जा की खपत कम करने की अपील की है ताकि विदेशी मुद्रा भंडार और अर्थव्यवस्था पर दबाव कम हो सके। वहीं अमित शाह ने पेट्रोल-डीजल का सीमित उपयोग, वर्क फ्रॉम होम और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात कही है ताकि भारत एनर्जी सिक्योर और आत्मनिर्भर बन सके।
देवेंद्र फडणवीस ने भी दुनिया भर में युद्ध के कारण तेल और गैस संकट का जिक्र करते हुए संसाधनों के सही उपयोग की अपील की। वहीं रामदास अठावले ने कहा कि पीएम मोदी हर भारतीय का ख्याल रखते हैं और मेक इन India देश की आर्थिक ताकत बढ़ाने का सबसे बड़ा रास्ता है।
सबसे खास बात वाराणसी की जनता ने पीएम मोदी की आर्थिक देशभक्ति की अपील का खुलकर समर्थन किया है। लोगों का कहना है:
मोदी जी हमारे सांसद हैं। अगर देशहित में उन्होंने पेट्रोल बचाने और स्वदेशी अपनाने की बात कही है, तो हम उसका पूरा समर्थन करेंगे।
काशी की जनता के लिए यह सिर्फ एक सलाह नहीं, बल्कि काशी का संकल्प बन चुका है राष्ट्रहित सबसे ऊपर!