उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर पुलिस की पूरे पुलिस महकमा को शर्मसार कर देने वाली घटना
*ब्रेकिंग न्यूज*
*उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर पुलिस की एक कहानी ऐसी भी वाह रे चुनार पुलिस !
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*पहले भोर में घर में घुसकर महिला को उसके घर से उठाओ फिर कह दो गलत फहमी हो गई थी !*
भोर करीब 4:30 बजे चुनार पुलिस ने एक महिला पत्रकार के घर में उसे समय घूशी जिस समय महिला पत्रकार अपने रूम में अकेले सो रही थी। घुस कर पूरे परिवार को दहशत में डाला और बिना किसी शिकायत, बिना नोटिस, बिना वारंट महिला को उठाकर थाने ले गई।
पहले चुनार थाना फिर कुछ मिनट बाद अदलहाट थाना
जब महिला ने पूछा मेरा कसूर क्या है?
तो कथित जवाब मिला आपको गलत फहमी में उठा लिया गया उठाना किसी और को था नाम एक होने के कारण आपको उठा लिया गया
यानी अब चुनार पुलिस पहले एक अकेली सो रही महिला के कमरे में थाना प्रभारी बिना किसी महिला कांस्टेबल के घर में घुसेंगे महिलाओं को उठाएंगे परिवार की इज्जत सरेआम नीलाम करेंगे और बाद में बोल देंगे गलती हो गई?
क्या किसी महिला की गरिमा की कोई कीमत नहीं?
क्या चुनार पुलिस को किसी भी महिला के कमरे में रात्रि के समय में घुसने का खुला लाइसेंस मिल गया है वह भी तब जब एक अकेली महिला अपने कमरे में सोई हुई हो और कोई अनजान व्यक्ति वह चाहे चुनार थाना प्रभारी हों या कोई अन्य?
*सबसे बड़ा सवाल*
अगर महिला गलत थी तो असली व्यक्ति कौन था?
और बिना पुष्टि के इतनी बड़ी कार्रवाई किसके इशारे पर हुई?
यह सिर्फ एक गलती नहींयह एक विधि विरुद्ध सोची समझी साजिश के तहत किया हुआ कृत्य प्रतीत होता है। यह चुनार व अदलहाट पुलिस के द्वारा महिला सम्मान व मानवाधिकार का पूर्ण रूप से हनन है और पुलिस की जवाबदेही पर बहुत बड़ा तमाचा है।
क्या चुनार थाना जांच के आधार पर चलता है या अंदाजे पर?
जिस जिले में एक महिला पत्रकार अपने घर के एक कमरे में सुरक्षित ना हो उसे जिले में अब क्या गरीब और आम परिवार रात में चैन से सो सकते?