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उत्तर प्रदेश में अब अधिकारियों को जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों यानी सांसदों और विधायकों को "फुल इज्जत" देनी होगी। यूपी के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह

उत्तर प्रदेश में अब अधिकारियों को जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों यानी सांसदों और विधायकों को "फुल इज्जत" देनी होगी। यूपी के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने एक बेहद सख्त आदेश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि जब भी कोई सांसद या विधायक किसी अधिकारी के दफ्तर पहुंचे, तो अधिकारी को अपनी कुर्सी से खड़े होकर उनका स्वागत करना होगा। यह आदेश केवल बड़े IAS और IPS अफसरों पर ही नहीं, बल्कि राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होगा।
मुख्य सचिव द्वारा जारी इस प्रोटोकॉल के अनुसार, अधिकारियों को न केवल नेताओं का स्वागत करना होगा, बल्कि उन्हें ससम्मान बैठाकर पानी-चाय के लिए पूछना और उनकी बातों को पूरी गंभीरता से सुनना होगा। इसके अलावा, संवाद को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को अपने मोबाइल में सांसदों और विधायकों के नंबर सेव रखने के निर्देश दिए गए हैं। अगर अधिकारी किसी मीटिंग या जरूरी काम की वजह से कॉल नहीं उठा पाते हैं, तो काम खत्म होते ही उन्हें अनिवार्य रूप से 'कॉल बैक' करना होगा।
शासन ने यह कदम जनप्रतिनिधियों की उन शिकायतों के बाद उठाया है, जिनमें कहा गया था कि अफसर उनके फोन नहीं उठाते और मुलाकातों के दौरान उचित सम्मान नहीं देते। आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि किसी अधिकारी ने इस 'संसदीय शिष्टाचार' का उल्लंघन किया, तो इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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