आज तकरोही बुद्ध विहार में बुद्ध जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय भागीदारी आंदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पीसी कोरियर साहब ने अपने संबोधन में कहा
आजाद भारत पहले नेतृत्व द्वारा एक संविधान जिसमें प्रतिनिधित्व का आधार दिया गया देश में हर व्यक्ति इक्वल है बिना भेदभाव के समाज को भाईचारे के आधार पर पूरे देश के लोगों को समझा गया लेकिन सामाजिक व्यवस्था आजाद भारत के पहले लोगों में किस तरह भेदभाव नफरत का जाल बना था जिससे लोग एक दूसरे को छोटा और उसे गुलाम या रिफ्यूजी के रूप में मानते थे तथा उनके अधिकारों पर अपना अधिकार समझते थे यहां तक कि उनकी बहन बेटियों को तथा पत्नी को भी केवल भोग की वस्तु मानते थे और विकृत समाजिंक व्यवस्था अपने को तथाकथित भगवान के निर्माणक मानते हैं आज भी वोट समाज संविधान बनते समय एक ऐसी सोच विचारधारा बनी जिससे उनका कुछ भी नहीं चला और संविधान में सभी को एक पल बनाकर धर्म के वजूद को अलग रखते हुए लोगों में समानता लाई गई आज विकसित सामाजिक व्यवस्था फिर से जाति और धर्म की आधार पर गुलाम और रिफ्यूजी बनाने में लगी है इसे रोकने के लिए आपको केवल अपने अधिकार को भागीदारी सिद्धांत में लाकर उसको वर्तमान समय में जो नेटवर्किंग का या भागीदारी का उपयोग केवल वोट जोड़ने और अर्थ एकठाकारने में लगी है । लोगों को शब्द जाल स्वपन देकर लोगों को गुलाम रिफ्यूजीके रूप में उपयोग हो रहा है और उसमें न्यायपालिका और कार्यपालिका मीडिया आदि आदि संस्थाओं का हर स्तर लोगों के खिलाफ उपयोग किया जा रहा और मानवता के खिलाफ मनुवाद ब्राह्मणवाद और आरएसएस जो श्रेष्ठता के आधार हैं और अपने खिलाफ व्यवस्था का हिस्सा बनते जा रहे हैं अपने दुर्व्यवहार के बारे में कुछ ना समझते हुए भी उनके हिस्सा बनकर लोग अपने बड़ा श्रेष्ठ बनाने हेतु औरों को छोटा बना रहे हैं इसे भागीदारी केवल वोट के लिए नहीं इस सामाजिक आर्थिक कार्य में परिवर्तित करें तो यह नेटवर्किंग का स्वरूप बदल जाएगा और भारत वर्ष समाज का होगा तब छोटे-छोटे समाज अस्तित्व विहीन होंगे भारत के लोगों में सेक्युलरिज्म संविधान की प्रस्तावना के अनुरूप बनकर अपने जीवन को विकास से जोड़ेगा ,और देश में भ्रष्टाचार ,आतंक, बलात्कार, विकृत व्यवस्था,लूट, बोट हैकिंग का अंत होगा और देश में फासीवाद समाप्त हो जाएगा और उसे सिस्टम में लगे लोग या तो ठीक होकर इस देश में संविधान के हिस्सा बनेंगे या उन्हें नफरती आतंकी भ्रष्टाचारी बलात्कारी आदि अपराधी सिस्टम का स्वरूप समाप्त हो जाएगाऔर केवल सदस्य बन कर अपने को रजिस्टर्ड कर देश में हिस्सेदार स्थापित कर लेग़े। और प्रत्येक स्तर पर प्रत्येक समस्या का अंत हो जाएगा। न्यूनतम कार्य के आधार पर15000 वेतन के साथ तथा पेंशन रुपया 10000 शिक्षा, स्वास्थ्य, कल कारखानों में हिस्सेदारी आदि स्तर पर पूर्ण रूप से हिस्सेदारी होगी और लोकतांत्रिक चुनाव होंगे या देश आदर्श भारत के रूप में जाना जाएगा । व्यक्ति को इस देश में छोटे से बड़े चुनाव में हिस्सेदारी मिल जाएगी देश में सामाजिक आर्थिक नागरिकता रोजगार पेंशन शिक्षा स्वास्थ्य प्रतिनिधित्व भागीदारी व्यापार का रूप ले लेगा और आर्थिक समस्या समाप्त हो जाएगी यह स्ट्रक्चर राष्ट्रीय भागीदारी आंदोलन द्वारा बनाया गया है । जो बाबा साहब के उसे कार्यशैली से और माननीय काशीराम जी की कार्यशैली से संबंधित है समाज का काम करेगा तो उसे राजनीति में एक रास्ता दिखाई देगा और जो व्यापार में एक रास्ता बन जाएगा तब हमेशा के लिए यह सिस्टम कार्य करने लगेगा और इस देश में विकृत समाजिंक व्यवस्था का अंत होगा और इस देश में न्याय का उदय होगा आडंबर खत्म हो जाएगा और हर व्यक्ति एक स्वाभिमान की जिंदगी जिए और नेतृत्व लोगों से लोगों द्वारा लोगों लिए करेगा और पहली कैबिनेट बैठक में प्रत्येक स्तर प्रत्येक व्यक्ति के कार्य अधिकार सामान रूप में हो और कार्य पालिका न्याय पालिका को ज्वाबदेही सुनिश्चित स्वीकार करना होगा और काल्पनिक आडंबरी ब्राह्मणवाद हमेशा के लिए समाप्त हों जायेगा। उठो बढ़ो शिक्षतशक्तिशाली बनो देश हमारा भागीदारी सुनिश्चित करोंपीपल जस्टिस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राशिद जमाल खान ने कहा की 2027 में अगर पीपल जस्टिस पार्टी सरकार बनती है या सरकार में हिस्सेदारी बनती है तो यह सारी चीज लागू की जाएंगे पहले कैबिनेट में तय होगा कि भारत के हर व्यक्ति हर जाति हर धर्म के लोगों को भारत में हिस्सेदारी दिलाने का काम किया जाएगाउत्तर प्रदेश में देश में जो सांप्रदायिक माहौल बन रहा है एक दूसरे के प्रति नफरत पैदा हो रही है उसको रोकने के लिए दलित पिछले मुस्लिम और संविधान को बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी को मानने वाले लोग मैदान में आ चुके हैं जल्द ही ऐसे लोगों के खिलाफ जन आंदोलन शुरू किया जाएगा जनसभाओं के माध्यम से नुक्कड़ स्वभाव के माध्यम से उत्तर प्रदेश और देश में फिर से गंगा जमुनी तहजीब को को फिर से जिंदा किया जाएगा भारत में प्रथम नेतृत्व के द्वारा दिया गया संविधान को पूर्ण रूप से लागू किया जाएगा