प्रशासन की 'कुंभकर्णी नींद' टूटी: बड़ली गांव में अतिक्रमण हटाने के लिखित आश्वासन के बाद नीचे उतरे तेजेंद्र सिंह
अजमेर (भिनाय):अजमेर के बड़ली गांव में अतिक्रमण के खिलाफ चल रहा आंदोलन रविवार को 'शोले' फिल्म के ड्रामे में बदल गया। अपनी मांगों की अनदेखी से नाराज ग्रामीण तेजेंद्र सिंह राठौड़ करीब 8 घंटे तक पानी की टंकी पर चढ़े रहे। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के हाथ-पांव फूले रहे और मौके पर सिविल डिफेंस की टीम को सुरक्षा जाल बिछाना पड़ा।आखिरकार, प्रशासन ने ग्रामीणों के आक्रोश के आगे झुकते हुए 14 मई तक अतिक्रमण हटाने का लिखित वादा किया। विकास अधिकारी और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में हुए इस समझौते के बाद तेजेंद्र सिंह टंकी से नीचे उतरे। प्रशासन ने अब साफ कर दिया है कि तय समय सीमा के भीतर खसरा नंबर 1520 अवैध कब्जा पर पीला पंजा चलेगा।