पंडित बनकर घर में घुसे, सांप दिखाकर लूटा हिंदुओं का करोड़ों का सोना, 'जिहादी ठगों' का सिंडिकेट बेनकाब
क्या आपके घर पूजा कराने वाला पंडित वाकई 'पंडित' है? या फिर वो नाम बदलकर, तिलक लगाकर आपके मंदिर में घुसपैठ करने वाला कोई 'जिहादी ठग' है? गोंडा पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जिसने 'शिव शक्ति ज्योतिष' के नाम पर न सिर्फ हिंदुओं की गाढ़ी कमाई लूटी, बल्कि उनकी आस्था का भी गला घोंटा है।चेहरे पर हिंदू नाम का नकाब तो था, लेकिन असलियत में बुलंदशहर और मेरठ के 'मजहबी सिंडिकेट' के गुर्गे थे। ये गिरोह अखबारों में पर्चे बांटकर खुद को महान ज्योतिषी बताता था, लेकिन हकीकत में ये लोगों के घर के सोने और चांदी पर गिद्ध जैसी नजर रखता था।
दरअसल, मामला शहर के ददुवा बाजार का है। जहां पीड़ित संजय कुमार रस्तोगी ने 'पंडित रामस्वरूप शर्मा' समझकर जिसे घर बुलाया था। वो असल में नमशेर, हसरत अली, इमरान, इन्साद और तोहिद थे। 42 दिनों तक ये ठग 'विशेष अनुष्ठान' के नाम पर ढोंग करते रहे। जब घर का 750 ग्राम सोने और चांदी कलश में रखवाया गया, तब असली खेल शुरू हुआ। पंडित बने इन जेहादी ढोंगियों ने कलश से अचानक 'काला सांप' निकाला। सांप के निकलते ही परिवार खौफ में आ गया। जिसके बाद पीड़ित परिवार से इन्होंने कहा "देवता नाराज हैं, कमरे में छिप जाओ"। बस इसी डर का फायदा उठाकर ये बहरूपिए लुटेरे सारा माल समेटकर रफूचक्कर हो गए।पीड़ित संजय रस्तोगी ने बताया कि परिवार में कुछ ठीक नहीं चल रहा था। घर के सदस्य बीमार रहते थे। परिवार में खुशहाली जैसे खत्म हो गई थी। संतान की खुशियों के लिए वह एक इस्तेहार देखकर इन ज्योतिषों के पास पहुंचा। लेकिन संत के चोले में इन पांचों जेहादियों ने पूरे परिवार के आस्था पर ऐसा चोट किया जो शायद वर्षों न भर सके। इन्होंने पूजा-पाठ का हर काम बारीकी से किया, ताकि किसी को शक न हो कि यह हिंदू नहीं मुसलमान है।
इन्होंने पूजा के समय एक मटके में घर और दुकान के सारे जेवरात रखवाए और उससे बंद कर दिया। फिर कुछ देर पूजा करने के बाद परिवार के सामने जब मटके के ऊपर रखा ढक्कन हटाया गया तो मटके से एक काला नाग निकला, जिसे देखकर परिवार सन्न रह गया और डर गया। बस इसी डर का फायदा उठाकर इन ठगों ने परिवार को और डराया और कहा कि परिवार से देवता नाराज है और इसके लिए विशेष पूजा की जाएगी।