राजेसुल्तानपुर नगर पंचायत में घटिया सामग्री से सड़क निर्माण का आरोप, निरीक्षण में खुली अनियमितताओं की पोल
ब्यूरो प्रमुख मीडिया प्रभारी आजमगढ़, व तहसील आलापुर संवाददाता
आलापुर/अम्बेडकर नगर। जनपद के राजेसुल्तानपुर नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड नंबर 11 में समाधी बाबा स्थान को जाने वाले मार्ग पर चल रहे सड़क निर्माण कार्य को लेकर गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में बेहद घटिया गुणवत्ता की सामग्री उपयोग किए जाने का मामला उजागर हुआ, जिससे क्षेत्रीय लोगों में भारी नाराजगी व्याप्त है।
बताया गया कि सड़क निर्माण कार्य नगर पंचायत की ओर से कराया जा रहा है, लेकिन मौके पर निर्माण में पीले और कमजोर ईंटों के साथ सफेद बालू का प्रयोग खुलेआम किया जा रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार की सामग्री से बनी सड़क कुछ ही दिनों में टूटकर खराब हो जाएगी और सरकारी धन का दुरुपयोग होगा।
निरीक्षण करने पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिकों ने जब निर्माण कार्य को देखा तो उन्होंने तत्काल नगर पंचायत अध्यक्ष विनोद प्रजापति को कई बार फोन कर स्थिति से अवगत कराने का प्रयास किया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी लक्ष्मी चौरसिया को भी कई बार फोन लगाया गया, किंतु उन्होंने भी फोन नहीं उठाया। अधिकारियों की इस चुप्पी ने लोगों के संदेह को और गहरा कर दिया।
मौके पर मौजूद मजदूरों ने बताया कि निर्माण कार्य किसी दीपक सिंह नामक ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा है। मजदूरों के अनुसार ठेकेदार को नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण वह मनमाने ढंग से निम्नस्तरीय सामग्री का उपयोग कर रहा है। मजदूरों ने यह भी बताया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर कोई निगरानी नहीं रखी जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वार्ड नंबर 11 के पार्षद नोमान को मौके पर बुलाया गया। पार्षद ने स्वयं सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री को देखा और स्थिति पर गहरा दुख व्यक्त किया। सूत्रों के अनुसार पार्षद ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर नाराजगी जाहिर की, लेकिन ठेकेदार, चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी के दबाव के चलते वह खुलकर विरोध नहीं कर सके।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है। जनता का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं कराई गई तो सरकारी धन की खुली लूट जारी रहेगी और क्षेत्र की जनता को टिकाऊ सड़क की सुविधा कभी नहीं मिल पाएगी। लोगों ने मांग की है कि जिलाधिकारी अम्बेडकर नगर और संबंधित विभाग इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराएं तथा सड़क निर्माण में उपयोग हो रही सामग्री की तकनीकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि घटिया निर्माण कार्य नहीं रोका गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लोगों का कहना है कि जनता के टैक्स के पैसे से होने वाले विकास कार्यों में भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।