logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

तस्वीरों में छलकी ममता: एएआर रिवर डेल्स एकेडमी में बच्चों ने रंगों से लिखा मां के नाम पैगाम

विकासनगर। ग्राम कुंजा स्थित एएआर रिवर डेल्स एकेडमी में मातृ दिवस के मौके पर कला प्रतियोगिता का ऐसा रंग जमा कि देखने वाले भी भावुक हो उठे। नन्हे-मुन्ने छात्र-छात्राओं ने जब अपनी कल्पना की कूची से कागज पर मां और बच्चे के रिश्ते को उकेरा, तो लगा मानो कैनवस पर ममता जीवंत हो उठी हो। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष और जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने बच्चों के भीतर छिपी इस कला की जमकर सराहना की।

नेगी ने दो-टूक शब्दों में कहा कि प्रतियोगिताएं ही वह कसौटी हैं, जो विद्यार्थियों के भविष्य को तराशने और निखारने का काम करती हैं। उन्होंने मां की महिमा का बखान करते हुए कहा कि एक बच्चे के लिए उसकी मां ही पहला विश्वविद्यालय होती है, जहाँ से वह समाज और दुनिया को देखने का नजरिया हासिल करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर सफल व्यक्ति की उन्नति के पीछे उसकी माता का अविस्मरणीय त्याग और योगदान छिपा होता है।

मैदान-ए-जंग कला का हो और इनाम की बात न हो, ऐसा भला कैसे हो सकता है? नेगी ने प्रतियोगिता में अव्वल रहे छात्र-छात्राओं को जब मेडल और प्रमाण पत्र थमाए, तो बच्चों के चेहरों पर जीत की मुस्कान खिल उठी। कला के इस मुकाबले में जकिया, सरिता और अलीशा मलिक ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए प्रथम स्थान झटक लिया। वहीं, प्राची, मारिया और शीराज दूसरे पायदान पर रहे, जबकि मनतशा, अलीम और आतिफा को तृतीय स्थान से संतोष करना पड़ा।

इस खास मौके पर हाजी असद, प्रवीण शर्मा पिन्नी, आकाश, मोहसिन सहित विद्यालय के प्रबंधक मोहित कुमार, उप प्रधानाचार्य ममता खत्री और समन्वयक निकिता राठौर ने भी बच्चों का उत्साहवर्धन किया। आयोजन को सफल बनाने में नाजिया, रहीमा, अन्नु, प्रिया, सोनाक्षी, रिया, रेखा, कशिश, आनंद और धीरज जैसे तमाम सहयोगियों का विशेष योगदान रहा। कुल मिलाकर, इस आयोजन ने यह संदेश दे दिया कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ भावनाओं की अभिव्यक्ति ही एक विद्यार्थी को संपूर्ण इंसान बनाती है।

28
1740 views

Comment