50 करोड़ का लोन दिलाने के बहाने ठगे 1 करोड़, कारोबारी की शिकायत पर एक्शन में आई फरीदाबाद पुलिस
फरीदाबाद में निजी फंडिंग और 50 करोड़ रुपये का लोन दिलाने का झांसा देकर कारोबारी से 1.18 करोड़ रुपये ठग लिए गए।
शिकायत के अनुसार, जिन लोगों ने ठगी की वे कथित तौर पर नकली नोट और फर्जी स्टांप पेपर तैयार करने वाले गिरोह से जुड़े हुए हैं। खेड़ी पुल थाना पुलिस ने शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) सेंट्रल को सौंप दी है।सेक्टर-85 स्थित बीपीटीपी पार्कलैंड निवासी भूपेंद्र चौधरी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कुछ लोगों ने उनसे संपर्क कर बड़े स्तर पर फाइनेंस का कारोबार करने का दावा किया।
50 करोड़ का लोन दिलाने का वादा किया
आरोपितों ने उन्हें भरोसे में लेकर 50 करोड़ का लोन दिलाने का वादा किया। कई बार कर्नाटक के चित्रदुर्ग बुलाया। वहां दस्तावेज तैयार कराने, एमओयू कराने और स्टांप ड्यूटी व इंश्योरेंस के नाम पर रकम जमा कराने की बात कही गई।शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपितों ने उनसे पहले एक करोड़ रुपये स्टांप पेपर खरीदने के नाम पर और बाद में 18.72 लाख रुपये अन्य शुल्क के नाम पर अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए। आरोपित लगातार व्हाट्सएप चैट, कॉ
ल और फोन के जरिए उन्हें भरोसा दिलाते रहे कि जल्द ही 50 करोड़ रुपये का लोन जारी कर दिया जाएगा।
कई को गिरफ्तार कर चुकी कर्नाटक पुलिस
भूपेंद्र चौधरी ने बताया कि जब वह दोबारा चित्रदुर्ग पहुंचे तो जिस कार्यालय से पूरा काम संचालित हो रहा था, वहां ताला लगा मिला। स्थानीय लोगों से जानकारी लेने पर पता चला कि डेनियल उर्फ रोशन, श्रीनिवास रेड्डी उर्फ चंद्रशेखर समेत कई लोगों को तीन दिन पहले कर्नाटक पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।स्थानीय लोगों ने बताया कि यह गिरोह नकली करेंसी और फर्जी स्टांप पेपर तैयार करने के अवैध धंधे में शामिल था तथा इनके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपितों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन पर हस्ताक्षर कराए और उन्हें असली फाइनेंस कंपनी होने का झांसा दिया। यहां तक कि एक समय 50 करोड़ रुपये नकद देने का प्रस्ताव भी रखा गया।में उन्हें आशंका हुई कि यदि वह नकद रकम लेते तो संभव है कि उनके पास नकली करेंसी पहुंच जाती और वह भी अपराध में फंस सकते थे