मां के चरण पखारते ही छलक पड़े आंसू, स्कूल परिसर में खूब बरसा वात्सल्य रस
मां के चरण पखारते ही छलक पड़े आंसू, स्कूल परिसर में खूब बरसा वात्सल्य रस
केडीएस इंटरनेशनल स्कूल में मातृ पूजन दिवस पर भावुक हुए बच्चे और माताएं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
मथुरा मां केवल एक शब्द नहीं, बल्कि जीवन का वह आधार है, जिसके बिना हर खुशी अधूरी लगती है। शनिवार को सलेमपुर रोड स्थित केडीएस इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित मातृ पूजन दिवस के दौरान यही भाव हर आंख में साफ दिखाई दिया। जब नन्हें बच्चों ने मंच पर अपनी मां के चरण पखारे, आरती उतारी और हाथ जोड़कर कहा मां, आपका साथ कभी नहीं छोड़ूंगा आप भी मुझे कभी मत छोड़ना, आपका आंचल ही मेरी दुनिया है। तो पूरा सभागार भावुक हो उठा। कई माताओं की आंखों से आंसू बह निकले और वातावरण ममता के भाव से सराबोर हो गया।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद छात्रों ने मां की महिमा पर आधारित गीत, नृत्य और संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। हर प्रस्तुति में मां की ममता, त्याग और बेटे-बेटी के प्रेम की झलक दिखाई दी। तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा परिसर गूंजता रहा। उपस्थित अभिभावक भी बच्चों की प्रस्तुतियों को देखकर भावविभोर नजर आए।
कार्यक्रम का एक खास आकर्षण माताओं की सहभागिता रही। बच्चों की माताओं ने भी नृत्य, मनोरंजक खेलों और रैंप वॉक में उत्साहपूर्वक भाग लिया। मंच पर जब माताएं मुस्कुराते हुए अपने बच्चों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलती दिखाई दीं, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी।
इस अवसर पर केडीएस एजुकेशन ग्रुप के चेयरमैन महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में बच्चे अपनी संस्कृति और संस्कारों से दूर होते जा रहे हैं। इसी उद्देश्य से विद्यालय में मातृ पूजन दिवस का आयोजन किया गया, ताकि नई पीढ़ी मां के महत्व और भारतीय परंपराओं को समझ सके।
प्रोफेसर डॉ मांडवी राठौर ने मां-बेटे के रिश्ते की गहराई को भावुक शब्दों में व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका वंदना शर्मा ने किया, जबकि इसकी रूपरेखा अंजू चतुर्वेदी ने तैयार की। इस दौरान गीता बघेल, पारुल, डौली, नेहा, दीपाली, श्रुति जादौन, शिवकुमार, रवि कुमार समेत विद्यालय के सभी शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे।