डिजिटल कौशल से सशक्त हो रहे विद्यार्थी : सांदीपनि हायर सेकेंडरी स्कूल बड़ौदा के छात्रों को 20 दिवसीय OJT प्रशिक्षण।
बड़ौदा।
श्योपुर जिले में समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम के तहत सांदीपनि हायर सेकेंडरी स्कूल बड़ौदा के IT/ITES ट्रेड के 10वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए 20 दिवसीय ऑन द जॉब ट्रेनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बड़ौदा स्थित बालाजी कंप्यूटर सेंटर में संचालित हो रहा है, जहां विद्यार्थियों को आधुनिक डिजिटल तकनीकों एवं कंप्यूटर संबंधी व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।
वर्तमान समय में डिजिटल शिक्षा और तकनीकी दक्षता की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को कंप्यूटर टाइपिंग, इंटरनेट का प्रभावी एवं सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन कार्य प्रणाली, डिजिटल डॉक्यूमेंट तैयार करना, ई-मेल संचालन, ऑनलाइन जानकारी खोजने की विधियां तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सर्चिंग तकनीकों की जानकारी दी जा रही है।
विशेष रूप से विद्यार्थियों को यह भी समझाया जा रहा है कि आधुनिक तकनीकों का उपयोग केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि दैनिक जीवन के कार्यों में भी इसका अत्यधिक महत्व है। बैंकिंग, ऑनलाइन आवेदन, सरकारी सेवाओं तक पहुंच, डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन अध्ययन एवं रोजगार संबंधी गतिविधियों में कंप्यूटर और इंटरनेट की भूमिका को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के प्राचार्य सुरेश कुमार नागर के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। वहीं व्यावसायिक प्रशिक्षक बुद्धिप्रकाश शर्मा विद्यार्थियों को तकनीकी विषयों का प्रशिक्षण देकर उन्हें डिजिटल रूप से दक्ष बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनके निर्देशन में छात्र बड़ी उत्सुकता और लगन के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
प्रशिक्षण केंद्र के रूप में चयनित बालाजी कंप्यूटर सेंटर में विद्यार्थियों के लिए आधुनिक कंप्यूटर लैब, इंटरनेट सुविधा तथा तकनीकी संसाधनों की बेहतर व्यवस्था की गई है। सेंटर संचालक पंकज गुप्ता एवं दीपक गौतम द्वारा विद्यार्थियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे छात्र नई तकनीकों को आसानी से समझ पा रहे हैं।
प्रशिक्षण में शामिल विद्यार्थियों ने बताया कि इस प्रकार का व्यावहारिक प्रशिक्षण उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ भविष्य में रोजगार प्राप्त करने में भी सहायक सिद्ध होगा।व्यावसायिक शिक्षा के साथ इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उन्हें रोजगारोन्मुखी कौशल प्रदान करते हैं। इससे छात्र तकनीकी रूप से सक्षम बनकर भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार होते हैं।
समग्र शिक्षा के अंतर्गत आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम निश्चित रूप से विद्यार्थियों को डिजिटल इंडिया के युग में नई दिशा देने वाला साबित होगा