लोकायुक्त का बड़ा एक्शन: मरीजों के नाम पर कमीशनखोरी, 3 डॉक्टर रंगे हाथ पकड़े गए
मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों के नाम पर चल रहे कमीशनखोरी के खेल का लोकायुक्त ने बड़ा खुलासा किया है। इंदौर लोकायुक्त की टीम ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए तीन डॉक्टरों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
कार्रवाई में डॉ. अमित शाक्य, डॉ. दिव्या सांई और डॉ. मनोहर गोदारा को कुल 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया। आरोप है कि ये डॉक्टर मरीजों को एक निजी पैथोलॉजी लैब में जांच के लिए भेजने के बदले कमीशन मांग रहे थे। पहले जहां 20 प्रतिशत कमीशन लिया जाता था, वहीं बाद में इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया था।
सेवा पैथोलॉजी लैब के मैनेजर अदनान अली ने इस मामले की शिकायत 4 मई को लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय से की थी। शिकायत के बाद टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही डॉक्टरों ने रिश्वत की रकम ली, उन्हें मौके पर पकड़ लिया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि लंबे समय से सरकारी अस्पताल आने वाले गरीब मरीजों को निजी लैब में जांच कराने के लिए मजबूर किया जा रहा था ताकि मोटा कमीशन वसूला जा सके। फिलहाल तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया