logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

नवजात शिशु की गृह आधारित देखभाल हेतु शहरी एएनएम को दिया गया प्रशिक्षण

टीकमगढ़। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ.पी. अनुरागी के मार्गदर्शन में जिले में नवजात शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से जिला चिकित्सालय में शहरी एएनएम को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान डीपीएम अंकित रावत ने बताया कि जिले की शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए गर्भवती महिलाओं की गर्भकालीन देखभाल अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला की छह आवश्यक जांचें कराना जरूरी है। साथ ही गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार संबंधी सलाह एवं परामर्श दिया जाना चाहिए, जिससे प्रसव के बाद शिशु सामान्य वजन का हो और कुपोषण की श्रेणी में नहीं आये। इस दौरान डीसीएम प्रबल त्रिपाठी ने बताया कि जन्म के बाद नवजात शिशु की 42 दिनों तक आशा एवं एएनएम द्वारा गृह आधारित देखभाल आवश्यक है। इस दौरान यह सुनिश्चित किया जाता है कि शिशु में किसी प्रकार के खतरे के लक्षण न हों, वह सामान्य रूप से स्तनपान कर रहा हो, उसका वजन एवं धड़कन सामान्य हो तथा उसमें निमोनिया, दस्त आदि बीमारियों के लक्षण नहीं हों। उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों का आयु अनुसार पूर्ण टीकाकरण कराया जाना आवश्यक है। इसके साथ ही परिवार, मां एवं बच्चे की व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। समस्त जांचों की पोर्टल पर समय-सीमा में एंट्री सुनिश्चित करने हेतु सभी एएनएम को ऑनलाइन प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।

2
0 views
1 shares

Comment