बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश लेकर गौरलाटा पहुंची मुंबई की नन्हीं पर्वतारोही ग्रिहिता विचारे.!
कुसमी/बलरामपुर(मोहम्मद खालिद)
बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत स्थित छत्तीसगढ़ की सबसे ऊंची चोटी गौरलाटा पीक पर मुंबई, महाराष्ट्र की युवा पर्वतारोही ग्रिहिता विचारे ने सफल चढ़ाई कर साहस और आत्मविश्वास की मिसाल पेश की है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश लेकर पहुंची ग्रिहिता ने अपनी इस उपलब्धि से बेटियों को आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा दी है।
इस साहसिक अभियान में उनके पिता सचिन विचारे भी साथ मौजूद रहे। कम उम्र में ही ग्रिहिता कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण अभियानों में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का परिचय दे चुकी हैं। वे एवरेस्ट बेस कैंप, अफ्रीका की माउंट किलिमंजारो तथा मलेशिया की माउंट किनाबालु जैसी कठिन चोटियों को सफलतापूर्वक फतह कर चुकी हैं।
गौरलाटा अभियान के दौरान सरपंच संघ अध्यक्ष संतोष इंजीनियर ने ग्रिहिता का स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसी बेटियां देश का गौरव हैं और समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ग्रिहिता भविष्य में माउंट एवरेस्ट जैसी विश्व की सर्वोच्च चोटी को भी फतह कर देश का नाम रोशन करेंगी।
ग्रिहिता विचारे की इस उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों एवं पर्वतारोहण प्रेमियों में खुशी का माहौल है। लोगों ने उनकी सफलता को नारी सशक्तिकरण और बेटियों के आत्मविश्वास का प्रतीक बताया है।