हज-उमराह के नाम पर 33.5 लाख की ठगी का आरोप, 154 जायरीन को बनाया मोहरा
बरेली। थाना किला क्षेत्र निवासी एक कारोबारी ने दिल्ली के कुछ लोगों पर हज-उमराह के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का आरोप है कि भरोसे और सिफारिश के नाम पर उसे जाल में फंसाकर 34 लाख रुपये का चेक सिक्योरिटी के तौर पर ले लिया गया और बाद में पूरे मामले में फर्जीवाड़ा सामने आया।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, मलूकपुर निवासी मोहम्मद आलमगीर अपनी बहन के नाम से जन्नत हज उमराह प्राइवेट लिमिटेड कंपनी संचालित करते हैं। आरोप है कि दिल्ली निवासी मोबीन, अनस और उनके साथियों ने कंपनी की फ्रेंचाइजी लेने के लिए कई बार संपर्क किया और खुद को भरोसेमंद बताते हुए काम दिलाने का झांसा दिया।
पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने बेरोजगारी और पुराने संबंधों का हवाला देकर विश्वास जीत लिया। इसके बाद 2 अक्टूबर 2024 को दिल्ली में ऑफिस की ओपनिंग भी कराई गई, जिसमें पीड़ित खुद शामिल हुआ और शुरुआती खर्च के तौर पर 50 हजार रुपये भी लगाए।
शिकायत के मुताबिक, शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखाई दिया, लेकिन 12, 13 और 14 जनवरी 2026 को 154 लोगों की हज-उमराह बुकिंग के नाम पर बड़ा खेल कर दिया गया। आरोप है कि आरोपियों ने यात्रियों को कंपनी की वैधता दिखाने के बहाने पीड़ित से 34 लाख रुपये का चेक सिक्योरिटी के तौर पर ले लिया।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि बाद में उसे एहसास हुआ कि पूरी योजना सुनियोजित तरीके से उसे फंसाने के लिए बनाई गई थी। मामले में आर्थिक धोखाधड़ी के साथ-साथ लोगों की धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ का भी आरोप लगाया गया है।
फिलहाल पीड़ित ने थाना किला पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।