सत्ता की हनक में मर्यादा भूले भाजपा नेता
सत्ता की हनक में मर्यादा भूले भाजपा नेता; ब्राह्मण समाज ने कलेक्ट्रेट पर फूंका आक्रोश का बिगुलगरीब मजदूर के 58 लाख रुपये डकारने और धमकी देने से महासभा ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी देते हुए डीएम को ज्ञापन सौंपा
सत्ता के नशे में चूर नेताओं की जुबान पर लगाम न होना अब उनकी पार्टी के लिए गले की हड्डी बनता जा रहा है। इसका ताजा उदाहरण तब देखने को मिला जब एक भाजपा नेता द्वारा कथित तौर पर एक गरीब मजदूर के 58 लाख रुपये के गबन और जान से मारने की धमकी देकर की गई अभद्र टिप्पणी ने शांतिप्रिय समाज को सड़कों पर उतरने को मजबूर कर दिया। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा की अगुवाई में आज कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शनकारियों का 'सैलाब' उमड़ पड़ा, जहां सत्ता की 'चर्बी' पर सम्मान की चोट करते हुए नेताओं को आईना दिखाया गया।भ्रष्टाचार और बदजुबानी से उबालमहासभा के पदाधिकारियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि एक तरफ सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात करती है, वहीं दूसरी ओर उनके अपने ही नेता एक मजदूर की गाढ़ी मजदूरी के 58 लाख रुपये पर कुंडली मारकर बैठे हैं। सीनाजोरी की हद तब हो गई जब उक्त नेता ने अपनी गलती मानने के बजाय जान से मारने की धमकी पर अमर्यादित टिप्पणी कर दी। महासभा ने दो टूक कहा कि कुछ नेताओं की नैतिकता लाखों के आंकड़ों के नीचे दफन हो गई है और वे समाज को अपनी जागीर समझने की भूल कर रहे हैं।सुरक्षा घेरे के बीच गूंजे नारेजन-आक्रोश की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सुबह 10 बजे से ही कलेक्ट्रेट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया था। भारी बल की तैनाती के बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे। मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में शब्दों से ज्यादा आक्रोश की तपिश दिखाई दी। महासभा के नेता दीपक ने मीडिया से मुखातिब होते हुए तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, "यह लड़ाई किसी झंडे या डंडे की नहीं, बल्कि उस स्वाभिमान की है जिसे सत्ता की कुर्सी से कुचलने की कोशिश की जा रही है। 58 लाख का अन्याय और समाज का अपमान अब बर्दाश्त के बाहर है।"भाजपा के लिए 'अग्निपरीक्षा'अनुशासन का दावा करने वाली भारतीय जनता पार्टी के लिए यह मामला साख का सवाल बन गया है। ब्राह्मण महासभा ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनके 'बिगड़ैल' और 'करोड़पति' सोच वाले नेता पर तत्काल अनुशासनात्मक हंटर नहीं चला, तो यह आंदोलन केवल नारेबाजी तक सीमित नहीं रहेगा। अब देखना यह है कि पार्टी अपने इस नेता पर कार्रवाई करती है या समाज के इस उबाल को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की