तस्करों की मदद कर हवलदार मंगत बना करोडपति कोठी, कार, जमीन का मालिक, 2013 में चनावढ़ गांव में कच्चे मकान में रहता था परिवार, नौकरी लगने से अब तक डेढ कर
तस्करों की मदद कर हवलदार मंगत बना करोडपति कोठी, कार, जमीन का मालिक, 2013 में चनावढ़ गांव में कच्चे मकान में रहता था परिवार, नौकरी लगने से अब तक डेढ करोड की प्रॉपर्टी बना ली
हेरोडन तस्करों की मदद के आरोप में निलंबित किए गए हैड कांस्टेबल मंगतराम ने पद पर रहते ख्ब पैसा कमाया। वर्तमान में उसकी संपत्तियों की वैल्य् डेढ करोड़ के करीब है। जब वह वर्ष 2013 में कांस्टेबल के पद पर पुलिस में भर्ती हुआ था, तब रहने के मकान तक कच्चे थे। घर से गरीबी को बाहर निकालने में उसने तस्करों की मदद करके ऐसी रफ्तार पकडी। बीते पांच वर्षों में ही वह करोडपति बन गया। उसने गांव में आलीशान कोठी बनार्ड है। उसने अपने भार् को भी अच्छे मकान बनाकर दिए हैं। इतना ही नहीं, चर्चा इस बात की भी हो रही है कि उसने कछ माह पहले 40 बीघा जमीन भी खरीदी थी। वर्तमान में उसके पास एक कार और बाइक भी है। मां और भार्ड बीमार रहते हैं। यानी भार्ड भी कोर्ड काम नहीं करता। अपने और भाई के परिवार का खर्चा मंगतराम ही चलाता था निलंबित हैड कांस्टेबल मंगतराम की सैलरी की बात करें तो वर्ष 201 5 में स्थायी नियुक्ति होने पर पूरा वेतन मिलने लगा था कांस्टेबल के स्थायी होते ही पे-स्केल एल-5 और सैलरी 20,800 से शुरू होती है। हैड कांस्टेबल का पे-स्केल एल-8 और सैलरी 26,300 से श्रू होती है। इस हिसाब से मंगतराम को वर्ष 2015 से वर्ष 2025 तक 27.45.600 रुपए वेतन मिला। नवंबर 2025 में हैड कांस्टेबल पदोत्रत होने पर पे-स्केल एल-8 और सैलरी 26.300 हो गर्ड। बीते 6 माह में हैड कांस्टेबल के तौर पर उसे 1,57,800 रुपए सैलरी मिली। पूलिस सेवा में आने से अब तक उसे 29 लाख 3 हजार 400 रुपए वेतन मिला। अगर डसमें इंक्रीमेंट और महंगाई भत्ते की रकम का अन्मान लगाकर 10 लाख रुपए और जोड लें, तो भी उसे सरकार से 39 लाख रुपए ही मिले।
उसकी वर्तमान करोड के करीब
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पर मूल्य डेढ़