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घाटशिला पीडीएस डीलर की आत्महत्या के बाद फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन ने उठाई आवाज, मुख्यमंत्री से की हस्तक्षेप की मांग

जमशेदपुर/घाटशिला: पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला क्षेत्र में एक पीडीएस डीलर द्वारा कथित रूप से आर्थिक तंगी और लंबे समय से लंबित कमीशन भुगतान से परेशान होकर आत्महत्या किए जाने के मामले ने पूरे झारखंड के राशन डीलरों के बीच चिंता पैदा कर दी है। इस घटना के बाद फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन, झारखंड (पूर्वी सिंहभूम इकाई) ने राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप और न्याय की मांग की है।
एसोसिएशन की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम के माध्यम से सौंपा गया है। संगठन के जिला अध्यक्ष मोहन साव पारस ने कहा कि घाटशिला के पीडीएस डीलर स्वर्गीय मृणाल कांति रुद्र की आत्महत्या केवल एक व्यक्ति या परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि राज्यभर के हजारों पीडीएस डीलरों की गंभीर आर्थिक और मानसिक स्थिति का प्रतीक है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि मृतक द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में आर्थिक परेशानी और लंबित भुगतान का जिक्र किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि लंबे समय से बकाया कमीशन के कारण डीलरों पर भारी आर्थिक दबाव बना हुआ है।
एसोसिएशन ने राज्य सरकार के समक्ष कई मांगें रखी हैं। इनमें मृतक के आश्रित परिवार को तत्काल 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर प्राथमिकता देते हुए पीडीएस लाइसेंस प्रदान करना, पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करना शामिल है।
इसके अलावा संगठन ने झारखंड के सभी पीडीएस डीलरों के लंबित कमीशन का अविलंब भुगतान, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत बकाया कमीशन राशि का शीघ्र निपटारा, दिसंबर 2024 से अप्रैल 2026 तक लंबित राशन वितरण कमीशन का भुगतान, वर्ष 2023-24 से लंबित चना, दाल, नमक एवं ग्रीन कार्ड चावल वितरण कमीशन की राशि जारी करने तथा मृतक परिवार को सरकार की ओर से आवास उपलब्ध कराने की मांग की है।
मोहन साव ने कहा कि पीडीएस डीलर सार्वजनिक वितरण प्रणाली की रीढ़ हैं और यदि समय पर उनका कमीशन और भुगतान सुनिश्चित नहीं किया गया तो राज्यभर में डीलरों और उनके परिवारों की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
संगठन ने सरकार से इस संवेदनशील मामले में शीघ्र मानवीय और ठोस निर्णय लेने की अपील की है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

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